स्कूल वाली टीचर को अपनी कार में चोदा

hindi sex stories

मेरा नाम गौतम है, मैं स्कूल में अध्यापकों हूं। मैं स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर हूं। मेरा घर कानपुर में ही है और मैं कानपुर का ही रहने वाला हूं। मेरा कुछ समय पहले ही कानपुर में ट्रांसफर हुआ है, मैं इससे पहले आगरा में था और उसके बाद मैं कानपुर में आ गया। जब मैं कानपुर में आया तो मेरे स्कूल में एक टीचर हैं जिनका नाम रघुवेंद्र है, वह ड्राइंग के टीचर है। उनकी और मेरे बीच में बहुत ही अच्छी बनती है। मैं जब शुरू में स्कूल में आया था तो सबसे पहले मेरी मुलाकात रघुवेंद्र से ही हुई थी। उनका व्यवहार बहुत ही अच्छा है और वह बहुत समझदार व्यक्ति हैं, वह भी कानपुर के ही रहने वाले हैं। हम दोनों आपस में बहुत ही बातें करते हैं, उनकी शादी को भी दो वर्ष हो चुके हैं। मेरा रघुवेंद्र जी के घर पर भी अक्सर आना-जाना रहता है, उनकी पत्नी भी स्कूल में ही टीचर हैं लेकिन वह किसी और स्कूल में पढ़ाते हैं।

हमारे स्कूल के द्वारा खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहता है, मैं ही सब बच्चों को प्रैक्टिस करवाता हूं। हमारे स्कूल में एक नई मैडम आई, उनका नाम मीना है उन्हें कुछ ही दिन हुए थे हमारे स्कूल में आए हुए। जब वह हमारे स्कूल में आए तो वह मुझे बहुत ही अच्छी लगी। जब वह साड़ी पहन कर आते हैं तो वह बहुत ही सुंदर लगते हैं। मैं उन्हें हमेशा ही देखता रहता था और कभी-कभार हम लोग आपस में बात कर लेते थे लेकिन उनका और मेरा संपर्क ज्यादा नहीं था क्योंकि वह मैथ्स की टीचर थी और मैं बच्चों को स्पोर्ट्स सिखाता हूं इसीलिए हम दोनों के बीच में ज्यादा बात नहीं होती। मैंने यह बात रघुवेंद्र जी से भी कही थी कि मुझे मीना मैडम बहुत ही पसंद है, वह मुझे कहने लगे कि अभी वह नई आई है और यदि आप उनसे इस प्रकार की बात करेंगे तो शायद उन्हें अच्छा नहीं लगेगा, इसी डर से मैंने उनसे बात भी नहीं की और जब कभी उन्हें काम होता तो वह मुझसे बात कर लिया करती थी, उसके अलावा वह ना तो मेरी तरफ देखती थी और ना ही मुझसे बात करती थी। स्कूल में उनकी बहन की लड़की भी पढ़ती थी। मुझे उस चीज के बारे में बिलकुल जानकारी नहीं थी। एक दिन वह मेरे पास आई और कहने लगी कि यह मेरी बहन की लड़की है, आप थोड़ा इनके ऊपर ध्यान दीजिएगा।

मैंने उन्हें कहा आप बिल्कुल चिंता मत कीजिए, मैं जरूर ध्यान दूंगा। मैं हमेशा ही इस बारे में रघुवेंद्र से बात करता था। मीना मैडम की भी अब स्कूल में दोस्ती होने लगी थी और उनकी जो दोस्त थी वह मेरी बहुत ही पुरानी दोस्त हैं क्योंकि वह मेरे साथ पढाती थी, जहां मैं पहले पढाता था वह उसी स्कूल में थी, उनका नाम सारिका है, हम दोनों का  ट्रांसफर एक साथ ही हुआ था। अब वह दोनों बहुत ही अच्छी दोस्त बन चुकी थी। जब मुझे इस बारे में पता चला तो मैंने सारिका से भी बात की और मैंने कहा कि मैडम मुझे मीना मैडम बहुत ही अच्छी लगती हैं, वह मुझे कहने लगी कि मैं इस बारे में उनसे जरूर बात रखूंगी। जब उन्होंने इस बारे में मीना मैडम से बात की तो शायद उनको यह बात बिल्कुल भी पसंद नहीं आई। मीना मैडम मेरे पास आई और कहने लगी कि आपने सारिका मैडम से क्या कहा, मेरे दिल में आपके लिए कुछ भावना है, इसी वजह से मैंने सारिका मैडम से यह बात कही लेकिन मीना मैडम को इस बात का बहुत बुरा लगा और वो कहने लगी कि मेरी सगाई होने वाली है। मैंने उनसे पूछा कि मुझ में कुछ बुराई है तो आप बता सकते हैं लेकिन वह कहने लगी कि अब मेरी शादी होने वाली है और मेरे घर वालों ने मेरे लिए रिश्ता देखा है इसलिए मैं बिलकुल नहीं चाहती कि मैं उनके खिलाफ जाकर शादी करूं, उन्हें मेरे फैसले से किसी भी प्रकार की कोई ठेस पहुंचे, मैं ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहती। मैंने उन्हें कहा कि मैं भी ऐसा नहीं चाहता परंतु मेरे अंदर जो भावनाएं आपको लेकर थी वह मैंने सारिका मैडम से कह दी, आपका फैसला यदि मेरे साथ संबंध रखने का नहीं है तो उससे मुझे कोई भी आपत्ति नहीं है। वह कहने लगे कि आप एक बहुत ही अच्छे व्यक्ति हैं और आपका व्यवहार भी अच्छा है, हमारे स्कूल में जितने भी टीचर हैं वह सब आपकी बहुत तारीफ करते हैं और कहते हैं कि गौतम सर बहुत ही अच्छे हैं और वह सब की हमेशा ही मदद करते हैं, उन्हीं की वजह से हमारे स्कूल के बच्चे हमेशा ही खेल कूद प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। हमारे स्कूल के बच्चे प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करते हैं।

मीना मैडम और मेरे बीच में अब बातें होने लगी थी परंतु उनका मेरे प्रति सिर्फ एक दोस्त का ही रिश्ता था लेकिन हम दोनों एक दूसरे से हर बात शेयर कर लेते थे इसी बीच उनकी सगाई भी हो गई। उन्होंने मुझे अपनी सगाई में भी बुलाया था। जब मैं उनके परिवार वालों से मिला दो मुझे उनसे मिलकर बहुत अच्छा महसूस हुआ क्योंकि उनके पिताजी भी एक टीचर ही थे और उनसे बात करना मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उनकी जिस प्रकार की सोच थी वह बहुत ही अच्छे व्यक्ति प्रतीत हो रहे थे। मीना मैडम और मेरे बीच में बहुत सारी बातें एक समान थी क्योंकि मैं भी बहुत ही शांत स्वभाव का था और उनका नेचर भी बहुत ही शांत स्वभाव का है। वह जब किसी से बात करती हैं तो पहले उसकी सारी बातों को सुन लिया करती हैं, उसके बाद ही वह कुछ जवाब देते हैं इसीलिए मुझे उनका नेचर भी बहुत अच्छा लगता था। धीरे-धीरे हम दोनों के बीच में बहुत ही गहरी दोस्ती हो गई और मीना मुझे कहने लगी कि मुझे शादी के लिए शॉपिंग करनी है तो क्या आप मेरी उस में मदद कर सकते हैं, मैंने उन्हें कहा कि ठीक है मैं आपकी शॉपिंग करने में मदद कर दूंगा। वह मुझे कहने लगी कि आप तो यहां पर बचपन से रहे हैं इसलिए आपको यहां पर सब दुकानों के बारे में मालूम होगा। मैंने उन्हें कहा कि आप उसकी बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए क्योंकि मेरे पुराने मित्र हैं उनकी बहुत ही बड़ी दुकान है, उनकी दुकान में हर सामान आपको सही दामों पर मिल जाएगा। वह मुझे कहने लगी यह तो बहुत ही अच्छी बात है।

वह मुझे कहते कि हम लोग उनके पास कब चलेंगे, मैंने उन्हें कहा कि जब आप बोलिए उसी वक्त हम लोग चल लेंगे, आपके पास जब समय है उसी वक्त हम चल पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम लोग इस छुट्टी को चल लेते हैं। मैंने कहा ठीक है जिस दिन हमारे स्कूल की छुट्टी थी उस दिन मैं मीना मैडम को अपने दोस्त की दुकान पर ले गया। मैं जब वहां उसकी दुकान में गया तो वह कहने लगी यह तो बहुत ही बड़ी दुकान है। मैंने उन्हें कहा कि यहां पर आपको सारा सामान अच्छे दामों पर मिल जाएगा। उन्होंने वहां से अपनी शादी के लिए शॉपिंग कर ली थी और मेरे दोस्त ने रेट भी बहुत ही कम लगाए थे, वो कहने लगी आपने तो मेरी बहुत मदद की है नहीं तो मुझे इधर उधर भटकना पड़ता, मुझे समझ में नहीं आता कि मुझे कहां से कपड़े खरीदने चाहिए। मैंने उन्हें कहा इसमें कोई मदद वाली बात नहीं है अब आप मेरे अच्छे मित्र हैं और मेरा इतना फर्ज तो बनता ही है कि मैं आपकी मदद करूं। मीना मैडम और मैं सामान लेने के बाद एक रेस्टोरेंट में चले गए, हम लोगों ने वहां पर कोल्ड ड्रिंक पी और उसके बाद हम लोग वहां से चले गए। जब हम लोग मेरी कार में बैठे हुए थे तो मैं उनसे पूछने लगा कि आपके पति क्या करते हैं, वह कहने लगी कि वह भी एक अध्यापक हैं और वह आगरा में रहते हैं। जब मैंने उनका नाम पूछा तो वह मेरे परिचित निकले। मैंने उन्हें कहा की, मैं तो उन्हें बहुत अच्छे से पहचानता हूं क्योंकि इससे पहले मेरी पोस्टिंग भी आगरा में ही थी। हम दोनों बात कर रहे थे और मेरा हाथ मीना के पैर पर लगा तो उसके अंदर की उत्तेजना जाग चुकी थी और मुझे भी बहुत अच्छा लगा उसने जैसे ही मेरेपैर पर अपने हाथ रखा। मैं समझ चुका था कि उसके अंदर क्या चल रहा है मैंने गाड़ी चलाते चलाते ही उसके सलवार को खोल दिया और उसकी योनि को अपनी उंगलियों से सहलाने लगा मैंने काफी देर तक ऐसा किया उसकी योनि से पूरा पानी बाहर की तरफ गिरने लगा था मैंने उसके होठों को किस कर लिया।

मैंने गाड़ी को एक कोने में लगाते हुए उसे बहुत देर तक किस किया और उसने भी मेरे लंड को मेरी पैंट से बाहर निकालते हुए अपने मुंह के अंदर ले लिया और बहुत अच्छे से सकिंग करने लगी। उसने बहुत देर तक मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने जारी रखा जिसे कि मेरा पानी भी बाहर आने लगा था। मैंने उसे अपनी कार की पीछे वाली सीट पर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट गया। जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो उसकी सील टूट गई और पूरा खून बाहर की तरफ आने लगा। मैंने अब इतनी तेजी से धक्के मारने शुरू कर दिए कि वह अपने पैरों को चौड़ा करने लगी मैं भी उतनी तेज गति से धक्के मार रहा था। मुझ में जितनी भी ताकत थी मैंने उसके पैरों को कसकर पकड़ लिया और उसे बड़ी तेजी से चोदा उसके मुंह से आवाज निकलने लगी और मुझे बहुत अच्छा लगता जब वह अपने मुंह से आवाज निकालती। उसकी मादक आवाज जब मेरे कानों में जाती तो मुझे मे एक अलग ही तरीके की ऊर्जा पैदा होती। मेरे अंदर की ऊर्जा इतनी तेज थी कि मैं उसे इतनी तेजी से धक्के मार रहा था उसकी योनि से बहुत ज्यादा खून निकलने लगा था मैं उसे उतनी तेजी से धक्के मार रहा था लेकिन मेरा मन बिल्कुल भी नहीं भर रहा था। मैं मीना मैडम के स्तनों को जब अपने मुंह में ले रहा था तो उनसे दूध निकल रहा था मैंने उनके स्तनों को भी अपने मुंह के अंदर पूरा ले लिया और उन्हें बड़ी तेजी से में धक्के मारने लगा। उनकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी इसलिए मैं ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरा माल उनकी योनि के अंदर गिर गया। अब उनकी शादी हो चुकी है लेकिन उसके बावजूद भी वह मुझसे अपनी चूत स्कूल में ही मरवाती है।