ऑफिस में मैडम की इच्छा को पूरा कर दिया

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मेरा नाम अजय है और मैं मुंबई का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 28 वर्ष है और मैं एक फाइनेंस कंपनी में जॉब करता हूं, मुझे यहां पर जॉब करते हुए काफी समय हो चुका है और मुझे यहां पर जॉब करते हुए कम से कम भी 5 वर्ष हो चुके हैं। मैंने जब से अपने काम की शुरुआत की है उसके बाद से ही मैं इस कंपनी में काम कर रहा हूं। मैंने यहीं पर जॉब करते हुए अपना एक घर भी ले लिया है और उसकी किस्तें मैं आपनी सैलेरी से कटवाता हूं। मेरे पापा भी एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करते हैं और वह भी मेरी मदद कर दिया करते हैं। मेरी बहन की भी शादी कुछ समय पहले ही हुई है जिसकी वजह से हम लोगों का बहुत खर्चा हुआ था।

आधे से ज्यादा पैसा तो उसकी शादी में ही चला गया और उसकी शादी के लिए भी हम लोगों ने कुछ लोन उठाया था जिसे कि मैं अभी तक नहीं भर पाया हूं और मेरी सैलरी से आधा पैसा तो मेरी किस्तों में ही चला जाता है इसीलिए मैं कहीं और नौकरी ढूंढ रहा था जहां पर मुझे अच्छी सैलरी मिले और मैं अपने किस्ते वहीं से कटवा पाऊं, लेकिन मुझे कहीं पर भी कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल पा रही थी। मैं जिस कंपनी में जॉब कर रहा हूं वहां पर ही मुझे अच्छे पैसे मिल जाते थे लेकिन वह मेरे लिए कम पड़ते थे। मैंने अपने एक बहुत ही पुराने दोस्त को फोन किया तो मैंने उसे अपनी समस्या के बारे में बताया, वो कहने लगा कि तुम मुझे अपना रिज्यूम दे देना। उसका नाम मुकेश है और वह मेरे स्कूल में पढ़ता था लेकिन मैंने कॉलेज की पढ़ाई कहीं और से की और मुकेश किसी दूसरे कॉलेज में पढ़ता था इसीलिए मेरी उससे मुलाकात बहुत ही कम हो पाती थी। मैंने उसका नंबर भी अपने पुराने दोस्त से ही लिया। उसने जब मुझे बताया कि मुकेश एक कंपनी में मैनेजर है तो मुझे लगा कि वह मेरी मदद जरूर कर देगा। जब मैंने मुकेश को अपना रिज्यूम दिया तो मुझे पूरी उम्मीद थी कि वह मेरे लिए कहीं ना कहीं नौकरी की बात कर लेगा।

एक दिन उसका मुझे फोन आया और वह कहने लगा कि मेरी कंपनी में एक वैकेंसी खाली है यदि तुम यहां पर जॉब करना चाहते हो तो तुम इंटरव्यू देने के लिए आ जाना। मैंने उसे पूछा कि मैं कब इंटरव्यू देने आऊं, तो वह कहने लगा कि तुम एक हफ्ते बाद इंटरव्यू देने के लिए आ जाना। जब मैं एक हफ्ते बाद इंटरव्यू देने गया तो वहां मैं मुकेश से मिला। मुकेश मुझसे मिलकर बहुत ही खुश था और वो मुझसे पूछने लगा तुम्हारे घर पर सब लोग कैसे हैं, मैंने उसे बताया कि मेरी बहन की तो शादी हो चुकी है और मेरे पापा भी एक नौकरी कर रहे हैं लेकिन मैंने अभी कुछ समय पहले ही एक घर लिया है जिसकी मुझे किश्त भरनी पड़ती है लेकिन मैं जहां नौकरी कर रहा हूं उस सैलेरी से किस्त भरना मुश्किल हो रहा है इसीलिए मैं किसी दूसरी जगह पर नौकरी करने की सोच रहा था। मुकेश मुझे कहने लगा कि तुम जब मैडम से मिलोगे तो उन्हें मेरा रेफरेंस दे देना। मैं मैडम के ऑफिस में इंटरव्यू देने के लिए गया। जब वह मेरा इंटरव्यू ले रही थी तो मैं उन्हें बड़े ध्यान से देख रहा था क्योंकि उनकी उम्र ज्यादा नहीं थी, उनकी उम्र लगभग 30 वर्ष के आसपास ही रही होगी और मुझे बिल्कुल भी नहीं लग रहा था कि उन्होंने इतनी जल्दी इतनी तरक्की कर ली है। मैंने अपना इंटरव्यू अच्छे से दिया और उसके बाद मैंने मुकेश का भी रेफरेंस दे दिया था। उन्होंने मुझे कह दिया कि आप कुछ दिनों बाद ही ज्वाइनिंग कर लेना। मैंने उनसे कुछ दिनों का समय मांगा था क्योंकि मैं जिस कंपनी में नौकरी कर रहा था वहां पर मुझे बताना था कि मैं अब किसी और जगह पर नौकरी कर रहा हूं। जब मैं अपनी पुरानी कंपनी में गया तो मैंने उन्हें बताया कि मेरी कहीं और नौकरी लग चुकी है इसलिए मुझे आपके ऑफिस को छोड़ना पड़ेगा। वह मुझे कहने लगे कि तुम इतने सालों से यहां पर काम कर रहे हो क्या तुम्हें किसी प्रकार की कोई कमी हुई। मैंने उन्हें कहा कि सर मुझे अपने घर की किश्त भरनी पड़ती है इसी वजह से मुझे दूसरी जगह से अच्छी सैलेरी का ऑफर आया तो मैंने वहीं पर नौकरी ज्वाइन कर ली।

मेरा अपने बॉस से दोस्ताना संबंध है इसलिए वह मुझे कहने लगे कि तुम नौकरी छोड़कर जा रहे हो यह मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता कि तुम यहां से छोड़कर जाओ लेकिन मैंने उन्हें समझाया कि मैंने अब दूसरी जगह पर ज्वाइन कर लिया है और मुझे वहीं पर नौकरी करनी है। मैं जिस ऑफिस में काम करता था मैंने उन्हें बहुत ही अच्छा बिजनेस दिया था इसलिए वह बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि मैं उनके ऑफिस को छोड़कर किसी और ऑफिस में जाऊँ। मैंने अपना पुराना ऑफिस छोड़ दिया था और कुछ दिनों बाद ही मैंने जब अपना नया ऑफिस जॉइन किया। मैं बहुत ही खुश था क्योंकि वहां पर मुझे बहुत ही अच्छी सैलरी मिल रही थी और मेरे हिसाब से ही वहां पर काम था। मैं जब भी अपनी बॉस को देखता तो उन्हें देखकर मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। उनका नाम ललिता है और वह बहुत ही मेहनती महिला हैं। मैंने जब इस बारे में मुकेश से पूछा कि मैडम की उम्र तो बहुत ही कम है तो वह कहने लगी कि मैडम ने बहुत ही मेहनत की है उसके बाद ही उन्हें इतनी सफलता मिल पाई। मुझे भी मैडम को देखकर बहुत ही अच्छा लगता था और मैं चाहता था कि मैं उनसे बात करूं क्योंकि मैं उनसे बहुत ही इंप्रेस था। अब मैं अपने काम में ही लगा हुआ था और मैं अपने काम में बहुत बिजी हो गया। मुझे समय का बिल्कुल भी पता नहीं चलता और मैं अपने काम में अपना पूरा सौ प्रतिशत देता था। मुझे कंपनी के द्वारा जो भी टारगेट दिया जाता मैं उसे पूरा कर दिया करता था क्योंकि मार्केट में मेरे बहुत ही अच्छे रिलेशन थे, उस वजह से मेरा टारगेट आसानी से पूरा हो जाया करता था और मेरे ऑफिस में सब लोग मुझसे खुश रहते थे। मुकेश मुझसे कहता कि तुम बहुत ही अच्छे से काम कर रहे हो।

तुम से मैडम भी बहुत खुश हैं। एक दिन मैडम ने मुझे अपने ऑफिस में बुला लिया और कहने लगी कि तुम बहुत ही अच्छे से काम कर रहे हो। मैंने उन्हें कहा कि मैं आपको देख कर ही इतना अच्छा काम कर रहा हूं क्योंकि आपने बहुत ही मेहनत की है इसलिए मैं आपसे बहुत ही इंप्रेस हूं। वह बहुत ही खुश थी जब मैंने उन्हें इस प्रकार की बात कही। अब मैडम अक्सर मुझे अपने केबिन में बुला लिया करती थी और वह मुझे हर काम अच्छे से समझाती। मुझे उनसे बात करना बहुत ही अच्छा लगता था और जब भी मैं उनके पास में बैठा होता तो मैं सिर्फ उनको ही देख रहा होता था। वह काम के प्रति बहुत ही सीरियस थी और हमेशा ही वह अपने काम को ही पहले देखती थी। उन्हें जब भी घर से फोन आता तो वह हमेशा ही फोन काट दिया करती थी और कहती थी कि मैं काम में बिजी हूं। कभी कबार उनके पापा भी ऑफिस में आ जाया करते थे और मैं अब उनकी फैमिली से भी परिचित हो गया था। ललिता मैडम भी मुझसे बहुत खुश रहती थी और कहती थी कि तुम जिस प्रकार से काम करते हो वह मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। उन्होंने इसी वजह से मुझे प्रमोशन दे दिया और अब मेरा प्रमोशन भी हो चुका था और मुझे अच्छी सैलरी भी मिल रही थी। मेरी सैलरी में भी बढ़ोतरी हो गई थी जिस वजह से मैं अपनी लाइफ को अच्छे से जी पा रहा था। मेरी और मैडम के बीच में अब काफी बातें होती थी और वह मुझसे अब मेरे दोस्त की तरीके से बात करने लगी। वह मुझसे कहती कि तुम मुझे अपना दोस्त समझ सकते हो। हम दोनों के बीच काफी बातें हो जाया करती थी और मैं जब भी उनके केबिन में जाता तो मैं उनसे काम के बारे में पूछा करता था। वह मेरी बहुत ही मदद करती थी मैं जब भी ऑफिस आता तो मैं ललिता मैडम को देखा करता था और जब वह मुझे अपने केबिन में बुलाती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। उस दिन भी उन्होंने मुझे अपने केबिन में बुलाया और जब मैं उनके केबिन में गया तो उन्होंने उस दिन बहुत ही शॉर्ट स्कर्ट पहनी हुई थी जिससे कि उनके पूरे पैर मुझे दिखाई दे रहे थे।

मैंने जैसे ही उनसे फाइल पर साइन कराने के लिए उनके आगे फाइल रखी तो मेरे हाथ उनके स्तनों पर लग गया। उनके स्तन भी अब हिल उठे और उनके अंदर की उत्तेजना भी जाग गई। मैंने दोबारा से उनके स्तनों को दबा दिया तो वह मेरे  इरादो को समझ चुकी थी। उन्होंने भी मेरे लंड को मेरी पैंट से बाहर निकालते हुए हिलाना शुरू कर दिया और काफी देर तक मेरे लंड को हिलाने के बाद उन्होंने अपने मुंह में समा लिया और उसे बहुत ही अच्छे से उन्होंने चूसा। उसके बाद उन्होंने अपनी स्कर्ट को नीचे उतारते हुए मेरे लंड को अपनी योनि के अंदर डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि में गया तो मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा उनकी योनि में एक भी बाल नहीं था और जब मैं उन्हें धक्के देता तो वह अपने मुंह से बहुत ही मादक आवाज निकालती और मुझे अपनी तरफ आकर्षित करती। उनकी उत्तेजना भी पूरी चरम सीमा पर थी और मैं भी उन्हें उतनी ही तेजी से धक्के दिए जा रहा था जितनी तेजी से वह अपने मुंह से मादक आवाज निकालती। वह मुझसे बहुत ही खुश थी और मैंने उनके दोनों पैरों को पकड़ते हुए अपने कंधे पर रख लिया। मैंने अब उन्हें इतनी तेज तेज धक्के मारने शुरू किए कि उनकी चूत पूरी गिली हो चुकी थी और उनसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था। जब वह झड़ने वाली थी तो उन्होंने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकड़ लिया और मैं हिल भी नहीं पा रहा था। मैंने भी उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारने शुरू किया और उन्ही झटको के बीच में मेरा वीर्य उनकी योनि के अंदर ही गिर गया। जब मेरा माल उनकी योनि के अंदर गिरा तो वह बहुत खुश हुई और मुझे कहने लगी तुमने मुझे बहुत ही अच्छे से चोदा है तुमने मेरी इच्छा को पूरा कर दिया मैं तुमसे बहुत ही खुश हूं।