मेरी माँ की चुदाई की कहानी मेरी जुबानी

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हाय दोस्तों, मेरा नाम संतोषी है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 26 साल है और मैं अविवाहित हूँ और आप लोगो की जानकारी के लिए मैं बता दूं कि मैं शादी नहीं करना चाहती हूँ वजह आपको बाद में पता चल जाएगी | मैं घर में ही रह कर बच्चो को कोचिंग पढ़ाती हूँ | मैं दिखने में गोरी हूँ और मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है और मेरा बदन सेक्सी है | मेरे दूध का साइज़ 28 है और मेरी कमर 32 की है और मेरी गांड 34 की है | मेरा ये सेक्सी फिगर किसी का भी लंड खड़ा करने के लिए बहुत है | दोस्तों मैं जो ये कहानी लिख रही हूँ ये मेरी पहली कहानी और मेरी माँ की कहानी है | दरअसल ये वो घटना है जो कोई भी बेटी अपनी माँ के बारे में शेयर नहीं करना चाहेगी इसलिए मैं कहानी के माध्यम से आप सभी के सामने अपनी कहानी शेयर करने जा रही हूँ | मेरे घर में मैं और मेरी मम्मी ही रहती हैं | जब मैं 12 साल की थी तभी मेरे पापा की डेथ हो चुकी थी और मेरे पापा बैंक में नौकरी करते थे और उसकी के बदले में मेरी मम्मी को नौकरी मिल गई | दो तीन महीने तो हमे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था लेकिन उसके बाद जब मम्मी की जॉब लग गई तब हमारी परिस्थिति में कुछ सुधार हुआ |

अब मैं अपनी मम्मी के बारे में बताती हूँ | मेरी माँ की उम्र उस समय 30 साल थी जब मुझे इस घटना के बारे में पता चला | मेरी माँ दिखने में गोरी है और उनका फिगर भरा हुआ है | मेरी माँ के बूब्स 32 हैं और उनकी कमर 36 है और गांड 40 है और मेरी की हाईट 5 फुट 5 इंच है | मेरी मम्मी का स्वभाव बहुत अच्छा है वो मेरे लिए सब कुछ करती है और मेरी हर जरूरत को पूरा करती थी | मेरी मम्मी ने मुझे कभी ये एहसास नहीं होने दिया कि मेरे पापा नहीं हैं | मैं अपनी मम्मी से बहुत प्यार करती हूँ और उनकी देखभाल भी करती थी क्यूंकि उन्होंने भी मेरे लिए बहुत कुछ किया है जो मैं कभी नहीं चुका सकती | एक दिन की बात है जब मैं स्कूल से अपने घर गई हुई थी तो मम्मी घर पर ही थी | अन्दर से लॉक लगा हुआ था | डोरबेल घर की ख़राब थी इसीलिए मैं दरवाजा खटखटा रही थी पर मम्मी की आवाज़ नही आ रही थी | घर के पीछे तरफ एक और गेट है छोटा सा और वो अक्सर खाली रहता है तो मैंने सोचा कि वहां से ही मैं अन्दर चले जाऊं | जब मैं घर के पीछे गई तब देखा कि वो दरवाजा खुला हुआ था | तो मैं बिना आवाज़ दिए अन्दर चले गई तभी मुझे ऊपर की तरफ से आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियों की आवाज़ आ रही थी | मैं समझ नहीं पाई कि क्या हो रहा है तो मैंने सोचा कि ऊपर जा कर देखा जाए |

जब मैं ऊपर गई तो देखा कि मेरी मम्मी के ऑफिस में काम करने वाले एक भैया वो मेरी माँ चोद रहे थे | मुझे देख कर बहुत गुस्सा आ गया तो मैंने वहीँ चिल्ला कर कहा क्या हो रहा है ये सब | तभी वो भैया जल्दी से अपने कपड़े पहन कर वहां से भाग गए मुझे धक्का दे कर और मेरी मम्मी बेशरम जैसे नंगी ही बिस्तर पर बैठ कर अपनी चूत में ऊँगली अन्दर बाहर कर रही थी | मैं रोने लगी और वहां से नीचे आ कर अपने कमरे में जा कर रोने लगी | तभी मम्मी मेरे पास आई और मुझसे कहा बेटा रो क्यूँ रही हो ? तो मैंने कहा मम्मी आप ये सब क्या कर रहे थे मुझे बहुत गुस्सा भी आ रहा है और दुख भी हो रहा है | जिस चीज़ पर सिर्फ पापा का हक़ है उस चीज़ को आप किसी को भी दे दोगे क्या ? तब मम्मी ने कहा कि बेटा मैं क्या करूँ मेरी भी मजबूरी है | मैंने पुछा ऐसी क्या मजबूरी मम्मी कि आप को ये सब करना पड़ रहा है ? तब मम्मी ने कहा कि तेरे पापा के जाने के बाद मुझमे बहुत सारी जिम्मेदारियां बढ़ गई और मैंने अपनी जिम्मेदारियां सभी अच्छे तरह से निभाई | मैं ये सब भूल चुकी थी कि मैं एक औरत हूँ और औरत को ये सब अपने पति से ही मिलता है लेकिन मैं क्या करूँ बेटी जब सब कुछ संभला तब मुझे ये सब करने की लालसा बढ़ गई | मैं अपनी चूत की खुजली किसी भी तरह मिटाना चाहती थी तो मुझे यही रास्ता सही लगा | अब तू ही बता बेटा मैं क्या करूँ ? मैंने अपने आँसू पोंछते हुए कहा ठीक है मम्मी मैं अब आपसे गुस्सा नहीं हूँ लेकिन आप जो भी करना तो तब करना जब मैं न रहूँ अब मैं आपको ये सब करते हुए नहीं देखना चाहती |

मम्मी ने मुझे भरोसा दिलाया | एक दिन की बात है मैं किसी काम से बैंक गई हुई थी और जब वहां गई तब मैंने मम्मी के बारे में पूछा तो एक दीदी ने बताया कि वो ऊपर की तरफ गई हैं | जब मैं ऊपर गई तो देखा कि मम्मी बैंक मेनेजर के गले में हाँथ डाल कर खड़ी हैं और वो मेरी मम्मी के दूध दबा रहा है | ये देख कर मुझे गुस्सा आया लेकिन मैंने सोचा कि चलो देखती हूँ आखिर मेरी माँ किस हद तक गिर सकती है | मेरी मम्मी को उसने अपनी बांहों में ले कर मम्मी के की गांड मसलने लगा और और मम्मी उसकी पीठ को सहलाने लगी | कुछ देर के बाद उसने मेरी मम्मी के होंठ में अपने होंठ रख दिए और मम्मी के होंठ को चूसने लगा और मम्मी भी उसका पूरा साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी | वो मेरी मम्मी के होंठ को चूसते हुए चूत को ऊपर से ही सहला रहा था और मेरी मम्मी उसके होंठ को चूसते हुए उसके लंड को ऊपर से ही सहला रही थी |

कुछ देर के बाद उसने मेरी मम्मी के साड़ी के पल्लू को नीचे कर के ब्लाउज को खोल कर ब्रा को ऊपर खिसका कर एक दूध को अपने मुंह में ले कर चूसने लगा और मम्मी के मुंह से आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह की सिस्कारियां निकलने लगी | फिर वो मम्मी के दूसरे दूध को मुंह में ले कर चूसने लगा और मम्मी आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए उस तकले के सिर पर हाँथ फेरने लगी | उसके बाद उसने दोनों दूध को अपने मुंह में लिया और दोनों को जोर जोर से दबा कर चूसने लगा और मम्मी आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए आँखे बंद कर ली | उसके बाद मम्मी ने उसके जीन्स के बटन को खोल कर चेन को खोल कर जीन्स को नीचे कर दिया और फिर नीचे झुक कर अंडरवियर के ऊपर से उसके लंड को चूसने लगी | थोड़ी देर के बाद मम्मी ने उसकी अंडरवियर को भी उतार कर नीचे कर दिया और उसके बाद मम्मी उसके लंड पर अपनी जीभ फेरते हुए चाटने लगी और वो आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगा | मम्मी उसके लंड को बड़े ही प्यार से उसके लंड को हर तरफ जीभ फेर कर चाट रही थी और वो आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए मम्मी के सिर पर हाँथ फेर रहा था |

उसके बाद मम्मी ने उसके लंड के सुपाड़े को मुंह में ले कर चूसने लगी और वो आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए मम्मी के दूध दबा रहा था | मम्मी ने फिर उसके लंड को पूरा अपने मुंह में ले कर जोर जोर से चूसने लगी और वो आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरी मम्मी के मुंह में अपना लंड पेलने लगा | कुछ देर के बाद उसने मेरी मम्मी को लेटा दिया और फिर साड़ी को ऊपर कर के पेंटी को उतारा दिया और फिर मम्मी की चूत को चाटने लगा और मम्मी आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए मचलने लगी | वो मेरी मम्मी की चूत को जीभ से रगड़ रगड़ कर चाट रहा था और चूत के दाने को भी चूस रहा था होंठ से दबा कर और मम्मी मादक आवाजें करते हुए अपने दूध को दबा रही थी | फिर मम्मी के पैरो को उसने खोल दिया और लंड को अन्दर डाल कर चोदने लगा और मम्मी आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदाई के मजे ले रहे थी | वो मेरी मम्मी की चूत को जोर जोर से धक्के मार के चोद रहा था और मम्मी सिस्कारियां भरते हुए अपनी गांड उठा उठा कर चुदाई में साथ दे रही थी | उसके बाद उसने मम्मी को घोड़ी बना दिया और पीछे से मम्मी की चूत में अपना लंड फंसा कर धक्के मारते हुए चोदने लगा और साथ में मम्मी के दूध भी दबा रहा था और मम्मी आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह आह ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी गांड आगे पीछे कर के चुदवा रही थी |

थोड़ी देर के बाद मम्मी फिर से उसके लंड को चूसने लगी और शायद कुछ मिनट के बाद उसने अपना माल छोड़ दिया होगा क्यूंकि मम्मी ने जब अपना मुंह उसके लंड से हटाया तब मम्मी ने थूक दिया था | मैं जल्दी से नीचे आ कर बाहर चले गई | मैं मन ही मन खुद को कोसने लगी यार मैंने ये सब क्यूँ देख लिया अगर मैं नहीं देखती तो अच्छा रहता | पर सच बताऊँ तो दोस्तों ये सब देख कर मेरी चूत ने भी पानी छोड़ दिया था और मेरा मन कर रहा था की मैं भी सेक्स करूँ | उसके बाद मैं घर आ गई और फिर पेंटी बदल कर आराम करने लगी | फिर मैंने मम्मी से कहा मम्मी आपकी चूत से खेलना है मुझे और अब बाहर चुदवाना बंद करो |