मन में चूत की सूरत

desi kahani

खलबली है खलबली मस्त वाली खलबली पर पता नहीं ये कब होती है और कैसे होती है | इसलिए मुझे बस ऐसा लगा कि मुझे कैसे भी करके ये बात आप तक पहुंचानी है ताकि आप लोग मुझसे वाकिफ हो जाओ | वैसे मैं यहाँ पर नया हूँ पर मैंने आपको एक बात नहीं बताई मैं हूँ तो नया पर मैं चुदाई का खिलाड़ी हूँ और मैंने कई चूत चोदके बराबर कर दी हैं | ऐसे ही मेरा आम नहीं चलता पर दोस्तों कभी गलत तरीके से मत चोदो हमेशा पटा के चोदो ताकि बाद में दिक्कत ना हो |

मैंने तो आपसे बता ही दिया है अपने बारे में पर क्या है कभी कभी दिक्कत भी हो जाती है और वो भी ऐसी कि आप लोग कभी सोच नहीं सकते | मैंने एक बार दोस्ती में एक बार मैंने एक लड़की को बिना बताये उसके ऑफिस में जाके चोद दिया था पर उसके बाद जो हुआ उसके बारे में आपको बता देता हूँ | उस लड़की ने अपने घर में बता दिया अब मैंने सोचा यार उसके घर वाले आएँगे अपन संभाल लेंगे बोल देंगे शादी कर लूँगा पर साला ऐसा नहीं हुआ |

उसके घरवाले पुलिस लेकर आ गए और मेरी गांड मारने की पूरी फिराक में थे | मैंने कहा अंकल देखो ऐसा कुछ नहीं है जैसा आप सोच रहे हो पर आपकी बेतिऊ ने शायद आपको कुछ गलत बताया है | उसने कहा नहीं आप चलो मेरे साथ थाने मैंने कहा अंकल मेरी बात तो सुनिए पर कुछ नाह हुआ | फिर उसके बाद जब थाने गए और पुलिस ने पूछा तो मेरे दोस्तों ने भी कहा सर वो लड़की चालु है और जैसे तैसे वकील कीमदद से मुझे छुड़ाया और उसके बाद मैंने ये सीख लेली और अब आप भी लेलो |

हैलो दोस्तों मेरा नाम हितेश है और मैं रायपुर का रहने वाला हूँ | मेरा रंग हल्का सा साँवला है इसलिए शायद मुझसे लड़कियां नहीं पटती लेकिन मैंने एक लड़की पटाई थी और उसको चोदा भी था | मेरा कॉन्फिडेंस बहुत कम है क्यूंकि मुझे ऐसा लगता है मैं अच्छा नहीं लगता फिर भी कम से कम मैंने एक लड़की तो पटाई क्यूंकि मेरे कुछ दोस्त ऐसे है जो दिखते भी ठीक ठाक है लेकिन आज तक एक भी लड़की नहीं पटा पाए | खैर उनकी छोड़ो मैं अपनी कहानी पे आता हूँ हाँ तो जो लड़की मैंने पटाई थी उसके बारे में थोडा बता दूँ | उसका नाम श्रेया था और वो स्कूल में मेरे साथ पढ़ती थी | दिखने में तो वो कयामत थी लेकिन किस्मत से मैं और वो आजू बाजु बैठा करते थे लेकिन अलग बैंच पर | पहले कुछ दिनों तक हमारी बिलकुल बात नहीं हुई क्यूंकि मैं तो यही सोच के बात नहीं करता था कि इतनी सुन्दर लड़की मूझसे क्यों बात करेगी ?

एक दिन सर ने कुछ पढ़ाया और उसे समझ में नहीं आया तो उसने अपनी दोस्त से पूछा तो उससे भी नहीं बना, तो उसने मुझसे पूछा तुम्हें अगर समझ में आया है तो मुझे समझा दो प्लीज़ | तो मैंने भी अच्छे से उसको बता दिया और भाई लड़की हो गई इम्प्रेस | अब भाइयों रोज़ थोड़ी थोड़ी बात से रोज़ ज्यादा ज्यादा बात शुरू हो गई लेकिन कहीं ना कहीं मुझे अन्दर से लगता था कि भाई ये मुझे सिर्फ दोस्त समझती है अगर मैंने प्रोपोस किया तो बहुत गन्दी फटकार पड़ेगी | बस यही सोचकर मैं आगे नहीं बढ़ता था लेकिन मुझे क्या पता आग दोनों तरफ बराबर की लगी थी | एक दिन की बात है मैं मेरा एक दोस्त और श्रेया और उसकी तीन दोस्त हम सब बैठकर अन्ताक्षरी खेल रहे थे और अगला गाना मुझे गाना था और शब्द था ‘ह’ | तो मैंने गा दिया ‘तुम ही हो’ वो शुरू ‘ह’ से ही होता है | तो मैंने गाना गा दिया उसके बाद श्रेया उचक पड़ी और बोली वाह अच्छा था वैसे किसके लिए गाया है ये भी तो बता दो ? और इतना बोलकर अपनी सहेलियों के साथ हँसने लगी |

अब भाई लड़की की बात का जवाब तो देना था और कुछ ऐसा देना था कि वो चुप हो जाये | तो मैंने कहा बता दूँ, तो उसने कहा हाँ बताओ ना बाबा | तो मैंने कहा तुम्हारे लिए और ये सुनकर वो शर्मा गई और बाकी लडकियाँ ह्हाव्व्व्व करने लगी | ये देखकर मुझे थोडा अजीब लगा तो मैंने सोचा की छुट्टी में बोल दूंगा कि मजाक कर रहा था तुम बुरा मत मानना लेकिन भाई यहाँ तो उल्टा ही हुआ | मैं छुट्टी में गेट के पास खड़ा था और वो अपनी सहेलियों के साथ आई तो मैंने कहा श्रेया सुनो | तो उसकी सहेली ने उससे कहा जाओ जीजा जी बुला रहे है और उसे धीरे से धक्का दे दिया | ये सुनकर मेरी गांड फटी भाई इन सब ने इस बात को सीरियसली ले लिया | तो मैंने कहा देखो मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि, और उसने मुझे रोक दिया और कहा हाँ पता है यही कहना होगा आई लव यू और मुझे तुम बहुत अच्छी लगती हो | तो मैंने उसको रोकना चाहा लेकिन वो बोलती गई और फिर उसने कहा हाँ ठीक है वैसे मैं भी बहुत दिन से यही कहना चाह रही थी लेकिन तुमने बोल दिया वरना मैं बोल देती आज |

भाई अब मेरे हो गए कान गरम और थोड़ी देर के लिए तो मुझे समझ में ही नहीं आया कि ये हो क्या गया लेकिन फिर मुझे समझ में आया कि ये लड़की मान गई | अब बस मुझे उसको कुछ नहीं बोलना कि मैंने जो कहा मजाक में कहा और वगैरह वगैरह | मैं बस उसकी तरफ देखता रहा और वो बोलती रही फिर एकदम से मैंने उसको गले लगा और उसके कान में कहा आई लव यू, तो उसने कहा आई लव यू टू | अब भाई अगले दिन से हम दोनों साथ बैठने लगे वो भी पीछे वाली बैंच पर जाके | एक हफ्ते तो हम दोनों सिर्फ हाँथ पकड़ के बैठे रहते थे और यहाँ वहां की बातें करते रहते थे | लेकिन मुझे तो आगे बढ़ने की बहुत जल्दी थी तो एक दिन जब हम पीछे बैठे थे और टेबल पर सर रखकर बात कर रहे थे, तो मैंने उसकी कमर पर हाँथ रखा और ऊपर लाते हुए उसके दूध दबाने लगा | उसने कहा ये क्या कर रहे हो ? तो मैंने कहा प्यार | तो उसने कहा अच्छा ऐसे करते है क्या ? तो मैंने कहा नहीं ऐसे तो बस शुरुआत होती है करना तो बहुत कुछ पड़ता है | अब भाई लड़की भी होशियार उसने कहा हाँ जैसे मुझे कुछ पता नहीं है तुम तो बस फायेदा उठाओ | तो मैंने कहा तुम्हें मुझपर भरोसा नहीं है, तो उसने कहा हाँ है, तो मैंने कहा बस फिर और उसके दूध दबाने लग गया |

मैं कुछ दिन तक ऐसे ही कभी उसके दूध दबाता तो कभी उसके कमर में हाँथ डालकर बैठा रहता | समय अच्छा कट रहा था लेकिन मुझे और चाहिए था | तो एक दिन मैथ्स की क्लास चल रही और हम हर बार की तरह पीछे ही बैठे थे | सबका ध्यान बोर्ड पर था मुझे छोड़ के, तो मैंने धीरे से उसकी सलवार उठाई तो उसने मेरी तरफ देखा तो मैंने कहा प्लीज़ एक बार और उसके पजामे में हाँथ डाल दिया | जैसे ही मैंने उसके पजामे में हाँथ डाला और उसकी चूत पर हाँथ रखा, तो उसने एक लम्बी साँस ली और ये देखकर मेरी गांड फटी कि कहीं ये अगर अभी चिल्लाने लगी तो मेरे लौड़े लग जायेंगे | फिर मैंने उससे कहा तुम मेरे साथ चलोगी, तो उसने कहा कहाँ चलना है ? तो मैंने कहा है एक जगह | तो उसने मुझे ऐसे देखा जैसे की वो समझ गई हो कि वो चुदने वाली हो लेकिन कुछ कर नहीं पा रही हो | मैंने फिर अपने दोस्तों से जुगाड़ लगाई और एक रूम की व्यवस्था करवा ली और उसको लेकर पहुँच गया | मैं जब रास्ते में था तो मुझे लग रहा था कि इसको शायद पता नहीं है लेकिन उसने मुझे पूछा तुमने प्रोटेक्शन लिया है ना | ये सुनकर मुझे लगा भाई लड़की मुझसे आगे की सोच रखती है फिर मैंने एक दुकान से कंडोम लिया और उसको लेकर रूम पहुँच गया |

मैं रूम के अन्दर गया और पूरे रूम की अच्छे से तलाशी ली क्यूंकि मेरे दोस्त बहुत हरामी किस्म के लोग है पर मुझे कुछ हाँथ नहीं लगा लेकिन दोस्तों के लिए मन में इज्ज़त ज़रूर बढ़ गई | फिर मैंने उसके कपड़े उतारने में उसकी मदद की और फिर अपने कपड़े भी उतार दिया और जब दोनों पूरी तरह से नंगे हो गए, तो दोनों एक दूसरे से चिपके और जाके बिस्तर पर कूद गए | हम दोनों बिस्तर पर लेटे लेटे किस करते रहे और मैं उसके दूध भी दबाता रहा | फिर हम रुके और मैं उसके दूध चूसने लगा और वो उम्म्मम्म्म्म उम्म्मम्म्म्म उम्म्म्मम्म उम्म्मम्म उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ईस्स्स्सस्स्स्स ईस्स्स्सस्स्स्स उम्म्मम्म्म्मम्म उम्म्मम्म्म्म करती रही | फिर उसने मुझसे कहा हटना ज़रा और खड़ी होकर कहा मुझे भी कुछ करने दो | तो मैंने बिस्तर पर आराम से लेट गया और वो मेरे लंड को पकड़ के जोर जोर से हिलाने लगी | मैंने भी बहुत बार मुट्ठ मारा है ये बहुत जोर जोर से हिला रही थी और फिर उसने चूसना भी शुरू कर दिया | थोड़ी ही देर में मेरे लंड ने माल छोड़ दिया और मुट्ठ उसके हाँथ के ऊपर ही गिर गया |

फिर उसने अपना हाँथ अपनी पैंटी से साफ़ किया और फिर आके बिस्तर पर लेट गई | तो मैंने उसकी चूत सहलाना शुरू कर दिया और वो उम्म्मम्म्म्मम्म उम्म्मम्म्म्म अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआ अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही | फिर मैं उसके ऊपर लेट गया और उसकी चूत पर लंड घिसता रहा और उसको किस भी करता रहा | थोड़ी देर में में लंड फिर से उठ खड़ा हुआ और मैंने उसकी चूत में लंड डाला लेकिन उसकी चूत बहुत टाइट थी थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन मैंने संभाल लिया | मैं उसकी चूत धीरे धीरे चोदता रहा और वो अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्हह्ह्ह्ह आआआआ अह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही | फिर मैंने उससे कहा अब तुम ऊपर हो जाओ और मैं बिस्तर पर लेट गया और वो मेरे ऊपर बैठी और अपनी चूत में लंड डाल के ऊपर नीचे होने लगी | थोड़ी देर में मेरा मुट्ठ फिर से निकलने को था लेकिन मैंने उसको नहीं रोका क्यूंकि मैंने कंडोम लगा रखा था | तो मेरा मुट्ठ उसकी चूत के अन्दर ही निकला लेकिन उसकी चूत के अन्दर नहीं गिरा | अब हम दोनों थक चुके थे तो हम दोनों लेट गए और बिना एक शब्द बोले दोनों सो गए | फिर थोड़ी देर बाद जब हम सो के उठे तो हमने फिर से एक बार सेक्स किया और उसके बाद हम घर चले गए |