कुंवारी चूत को चोदा

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हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम दिनेश है और मैं बिहार का रहने वाला हूँ | मेरी उम्र 36 साल है और मैं सरकारी नौकरी करता हूँ | मैं एक विवाहित व्यक्ति हूँ और मेरी बीवी ऋचा बहुत ही सुन्दर है और उसकी हाईट फिगर सब बहुत बढ़िया है | मेरी बीवी भी सरकारी नौकरी करती है और हमारे तीन दो बच्चे हैं | मेरा बेटा हिमांशु अभी कक्षा बारहवी में पढाई करता है और मेरी बेटी अनु कक्षा छटवी में पढाई करती है | मेरे दोनों ही बच्चे रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ते हैं | मैं सरकारी स्कूल में अपने बच्चो को पढ़ा सकता था लेकिन मैंने सोचा कि प्राइवेट स्कूल में ज्यादा अच्छी पढाई होती है इसलिए वहां पर एडमिशन करवाना सही रहेगा | फ्रेंड्स, आज जो मैं कहानी लिख रहा हूँ ये मेरी पहली कहानी है और एक दम सच्ची घटना है | मैं आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी जरुर अच्छी लगेगी |

मेरे घर में, मैं मेरी बीवी मेरे बच्चे और मेरे माता पिता रहते हैं | मेरे पिताजी भी सरकारी नौकरी करते थे और अब वो रिटायर हो चुके हैं | मेरे डिपार्टमेंट में अभी ट्रेनिंग वालो की ट्रेनिंग चल रही थी | कुल मिला कर सात बच्चे थे | उन सातो में एक लड़की थी जिसका नाम सौम्या है और उसकी उम्र 24 साल थी | वो दिखने में गोरी थी और उसका फिगर भी बहुत सेक्सी थी | उसके दूध ज्यादा बड़े तो नहीं थे पर जितने बड़े थे उतने बहुत अच्छे थे और उसकी पतली कमर के साथ उसकी प्यारी सी गोल गांड बहुत ही मस्त थी | उनकी  ट्रेनिंग मेरे ही अंडर चल रही थी | मैं जब भी उनकी ट्रेनिंग का निरक्षण करता तो सभी बच्चे अच्छे से प्रक्टिकल करते थे पर सौम्या ठीक से नहीं कर पाती थी | पर मैं चाहता था कि उसका सिलेक्शन जरुर हो | मैं मन ही मन उससे प्यार करने लगा था | मैं जब भी उसके बारे में सोचता तो मुझे मेरी बीवी भी याद आ जाती क्यूंकि मैं अपनी बीवी से भी बहुत प्यार करता था और मैं किसी भी कीमत में धोखा नहीं देना चाहता था | मेरी बीवी भी बहुत सुन्दर है और मैंने उससे ब्याह रचाया है तो मैं उसे कैसे धोखा दे सकता था | पर मैं इस लड़की से भी प्यार करने लगा था | एक दिन की बात है मैं अपने केबिन में बैठा चाय पी रहा था और पेपर पढ़ रहा था |

अब सुबह का काम उतना नहीं रहता तो मैं घर से जल्दी निकल कर ऑफिस में ही पेपर पढ़ता हूँ | उतने में वहां पर सौम्या आई | उसने कहा मे आई कमिन सर ! मैं कहा हाँ आओ आओ चाय पियोगी ? तो उसने कहा नहीं सर | मैंने कहा अरे पी लो मैंने अभी ही बनायीं है फिर उसने कहा ठीक है सर | मैंने उसे चाय का कप दिया और फिर अपनी चेयर पर बैठ कर मैंने उससे पुछा हाँ बोलो सौम्या क्या काम है ? तो उसने कहा सर मुझसे आप से एक काम है ? तो मैंने कहा हाँ बोलो क्या काम है ? तो उसने कहा सर मैं एक गरीब परिवार में रही हूँ और मेरे घर वालो ने बहुत से बलिदान दे कर मुझे पढाया लिखाया और इस काबिल बनाया कि मैं अपने पैरो पर खड़ी हो सकूँ | तो मैंने कहा ओह ! तो मैं तुम्हारी किस तरह मदद कर सकता हूँ ? तो उसने कहा सर मुझे प्रक्टिकल उतना समझ में नहीं आता है कहीं ऐसा न हो कि मेरा सिलेक्शन न हो और मेरे घरवालो के अरमान टूट जाये | मैं खुद को कभी माफ़ नहीं कर पाउंगी | तो मैंने कहा तुम चिंता मत करो | मैं तुम्हारी मदद जरुर करूँगा और मैं बहुत अच्छे से तुम्हारी प्रॉब्लम समझ सकता हूँ | ये सुन कर वो खुश हो गई और तब उसकी चाय भी खत्म हो चुकी थी | उसने चाय का कप रख कर मुझे थैंक यू कहा और कहा कि अच्छा ठीक है सर मैं निकलती हूँ | मैंने मन में सोचा कि इससे अच्छा मौका मुझे नहीं मिलेगा और शायद फिर मैं कभी कह न पाऊं | तो अभी मौका सही है और मैं उसे रुकने को कहा | उसने कहा हाँ सर कहिये | तो मैंने कहा देखो सौम्या तुम मुझे गलत मत समझना पर मैं तुमसे प्यार करने लगा हूँ | ये बात मैं तुमसे बहुत पहले कह देना चाहता था पर मुझमे कभी इतनी हिम्मत नहीं हुई कि मैं तुमसे कह सकता | आज मैं तुमसे कहता हूँ आई लव यू सौम्या मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ | ये बात सुन कर वो थोडा सा मुस्कुराई और कह सर पर आप तो शादीशुदा हैं न |

मैंने कहा हाँ मैं शादीशुदा हूँ लेकिन मुझे तुमसे प्यार हो गया और सच कहूँ मैं तुमसे हद से ज्यादा प्यार करता हूँ | ये बात सुन कर वो खुश हो गई और कहा सर मुझे थोडा टाइम चाहिए | मैंने कहा हाँ कोई दिक्कत नहीं है तुम्हे जितना टाइम चाहिए ले लो और जब भी तुम्हे मेरी जरुर पड़े तो बेझिझक कह देना | उसने ओके कहा और वो फिर चले गई | उसके अगले दिन ही वो फिर से मेरे केबिन आई और मुझसे अपने प्यार का इजहार कर दी | उसका प्यार का इजहार करने का तरीका मुझे बहुत ही अच्छा लगा | अब हम रोज ही मिलने लगे और अब वो रोज ही मेरे लिए कुछ न कुछ खाना बना कर लाने लगी | मैं भी उसे कुछ न कुछ गिफ्ट दिया करता था | फिर एक दिन मैंने उसके साथ सेक्स करने की इच्छा जताया तो उसने भी मुझे मना नहीं किया | फिर एक दिन मेरी बीवी और बच्चे मेरी बीवी के मायके गए हुए थे | मैंने सौम्या को अपने घर आने को कहा तो वो भी करीब आधे घंटे के अन्दर आ गई | मैं उसे अपनी बांहों में भर कर उसे किस करने लगा और वो भी मेरे किस्सिंग का साथ देते हुए आन्हे भरने लगी | हम दोनों एक दूसरे की बांहों में लगभग 10 मिनट तक रहे और फिर मैंने उसके होंठ से अपने होंठ लगा कर किस करने लगा और वो भी मेरा साथ देते हुए मुझे किस करने लगी | मैं उसके होंठ को चूसते हुए उसके दूध को भी दबा रहा था और वो मेरे होंठ के रस को चूसते हुए मेरे बदन को सहलाने लगी |

कुछ देर तक किस करने के बाद मैंने उसके सलवार को उतार दिया और उसके दूध को दबाने लगा और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिसकियाँ लेने लगी | उसके बाद मैंने उसके ब्रा को उतार कर उसके दूध को अपने मुंह में भर कर चूसने लगा और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिसकियाँ ले रही थी | मैं उसके दोनों दूध को बारी बारी से जोर जोर से दबा कर चूस रहा था और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे चेहरे पर हाँथ फेर रही थी | उसके बाद मैंने अपनी टी-शर्ट को उतार दिया और वो मेरे सीने पर हाँथ फेरने लगी | जब मैंने अपने पेंट को उतारा तो उसने कहा सर मैंने आज तक अपनी चूत नहीं चुदवाई | मैंने कहा तुम फिकर मत करो तुम्हे दर्द नही होने दूंगा और मुझे सर मत कहो तुम मेरा नाम ले कर कहा करो |

फिर मैंने अपने अंडरवियर को भी उतार दिया और वो मेरे लंड को अपने हाँथ में ले कर हिलाने लगी और उसके बाद वो उसपे अपनी जीभ फेरने लगी तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की आवाज़ निकलने लगी | वो मेरे लंड पर अपनी जीभ घुमा घुमा कर चाट रही थी और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिसकियाँ ले रहा था | उसके बाद उसने मेरे लंड को अपने मुंह में ले कर चूसने लगी और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए उसके दूध को दबाने लगा | वो मेरे लंड को बड़े ही प्यार से ऊपर नीचे कर के चूस रही थी और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मजे ले रहा था | उसके बाद मैंने उसके पूरे कपड़े उतार दिया और अब वो मेरे सामने बस पेंटी में खड़ी थी | मैंने उसकी पेंटी को भी उतार दिया और उसे लेटा कर उसकी टांगो को फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए जोर जोर से सिस्कारियां लेने लगी | मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से रगड़ रगड़ कर चाट रहा था और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपने निप्पलस को ऊँगली से दबा रही थी | फिर मैंने उसकी चूत में अपनी एक ऊँगली डाली तो उसको दर्द हुआ तो मैंने अपनी ऊँगली निकाल ली | उसकी चूत एक दम टाइट थी | मैं समझ गया और फिर अपने बैग से एक दवा निकाल कर उसे खाने को कहा |

जब उसने खायी तो मैंने 5 मिनट के बाद फिर से उसकी चूत में ऊँगली करने लगा और अब उसे दर्द बिलकुल भी नहीं हो रहा था | जब मैंने अपनी ऊँगली पूरी अन्दर डाल दी तो उसकी चूत की सील टूट गई और उसमे से खून निकलने लगा | फिर मैंने अपने लंड को उसकी चूत में डाला और चोदने लगा और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिसकियाँ लेंने लगी | उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे और मैं समझ चुका था कि दवा का असर एक दम सही हो रहा है | मैं जोर जोर से उसकी चूत को चोदने लगा और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए झड़ गई | फिर मैंने उसकी दोनों टैंगो को अपने कंधे में रख कर फिर से लंड डाल कर चोदने लगा और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए जोर जोर से सिसकियाँ ले रही थी | करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद मैंने अपना वीर्य उसके दूध पर झड़ा दिया |