जीजा जी की बहन को झाड़ियों में चोदा

hindi sex kahani

मेरा नाम अरमान है, मेरी उम्र 22 वर्ष की हो चुकी है और मैं कॉलेज में पढ़ाई कर रहा हूं। मैं बचपन से ही अपनी दीदी के साथ रहता हूं क्योंकि हमारे घर की स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी। जब मेरी दीदी की शादी के लिए लड़का देख रहे थे तो सब जगह पर दहेज मांग रहे थे, मेरे पिताजी दहेज देने में असमर्थ थे और वह चाहते थे कि किसी अच्छे घर में मेरी बहन संगीता का रिश्ता हो जाए क्योंकि वह पढ़ने में बहुत ही अच्छी थी और वह बहुत सुंदर है इसीलिए मेरे पिताजी चाहते थे कि मेरी दीदी का रिश्ता किसी अच्छी जगह हो जाता, परंतु कोई भी लड़का ऐसा नहीं मिल रहा था जो हमारे घर से रिश्ता करना चाहता हो क्योंकि मेरे पिताजी मेहनत मजदूरी कर के ही अपने घर का खर्चा चलाते हैं और मेरी मां भी घर में सिलाई का काम करती थी, उससे कुछ पैसे घर में आ जाते इसीलिए वह दोनों बहुत मेहनत करते हैं।

मेरी उम्र 10 वर्ष की रही होगी उस वक्त मेरे जीजाजी ने मेरी बहन का हाथ मांग लिया वह बहुत ही अच्छे परिवार से हैं। उनका नाम संतोष है। जब उन्होंने मेरी बहन से रिश्ता जोड़ा तो मेरे पिताजी उन्हें कहने लगे कि आप तो बहुत ही बड़े घर से हैं, आपको हमारी लड़की क्या पसंद आई, आपके लिए तो कोई भी लड़की हां कह देगी लेकिन मेरे जीजाजी कहने लगे कि मुझे संगीता से ही शादी करनी है क्योंकि उसका व्यवहार और उसके बात करने का तरीका जिस प्रकार का है वह मुझे बहुत अच्छा लगा इसलिए मैं संगीता से ही शादी करना चाहता हूं। मेरे पिताजी ने मेरे जीजा जी से उस वक्त कुछ समय मांगा और कहने लगे कि मुझे आप थोड़ा समय दीजिए। मेरे पिताजी ने मेरी बहन से भी पूछा कि क्या तुम्हें शादी करनी है, मेरी बहन कहने लगी कि जहां पर आप को मेरी शादी करवानी है आप वहीं पर करवा दीजिए, मुझे सिर्फ आप लोगों की खुशी से मतलब है। इसी वजह से मेरे जीजाजी से मेरे पिताजी ने कहा कि आप एक बार मुझे मिल लीजिए। जब वह हमारे घर पर आए तो  पिताजी ने उसे साफ कह दिया कि हमारी बिल्कुल भी हैसियत नहीं है कि हम आपके रिश्तेदारों की अपने घर पर खातिरदारी कर पाए। मेरे जीजाजी कहने लगे आप उसकी बिल्कुल भी चिंता मत कीजिए आपका जितना भी खर्चा होगा वह सब मैं दूंगा।

यह कहते हुए उन्होंने मेरी दीदी से शादी कर ली और उन्होंने ही मेरे पिताजी को पैसे दिए थे क्योंकि मेरे जीजाजी घर में बड़े है इसलिए वह अपना फैसला खुद ही लेते हैं और मेरी दीदी की शादी बड़े धूमधाम से हुई। जब मेरी दीदी की शादी हुई तो मेरे पिताजी भी बहुत खुश हो गए और मेरी मां भी बहुत खुश थी। उन दोनों के चेहरे पर एक अलग ही प्रकार की खुशी थी क्योंकि उनकी बिल्कुल भी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह लोग मेरी बहन की शादी इतने अच्छे से करवा पाएं इसीलिए हमारे जितने भी रिश्तेदार है, वह लोग बहुत खुश हुए और कहने लगे कि आप लोगों ने शादी बहुत ही अच्छे से करवाई लेकिन मेरे पिताजी ने किसी को भी नहीं बताया कि यह मदद मेरे जीजा जी ने की थी। अब मेरी उम्र 22 वर्ष हो चुकी है लेकिन मेरे माता-पिता का देहांत हो चुका है, उनका देहांत मेंरी दीदी की शादी के कुछ वर्षों बाद ही हो गया था इसीलिए मैं अपनी दीदी के साथ ही बचपन से रह रहा हूं और मुझे काफी वर्ष हो चुका है उनके साथ रहते हुए। मेरे जीजाजी मेरा बहुत ही ध्यान रखते हैं। वह हमेशा ही कहते हैं कि तुम्हें जो भी कुछ आवश्यकता होती है तो तुम मुझे बोल दिया करो इसलिए मैं अपने जीजा जी से इस बारे में बात कर लेता हूं जब भी मुझे कुछ आवश्यकता होती है। मैं उनका बहुत ही आदर और सम्मान करता हूं इसी वजह से वह मुझे बहुत मानते हैं और मैंने उन्हें आज तक कभी भी किसी भी काम के लिए मना नहीं किया हालांकि उनकी मां मुझसे बहुत चिड़ती है और वह मुझे बिल्कुल भी पसंद नहीं करती इसीलिए मैं उनसे बहुत कम बात करता हूं। उन्हें जब भी मौका मिलता है वह मेरी बहन और मुझ पर ताने जरूर मारती हैं इसी वजह से मैं सोच रहा हूं कि मेरी जल्दी से किसी अच्छी जगह नौकरी लग जाए और मैं अपना अलग घर ले लूंगा क्योंकि मैं अभी कहीं से भी कुछ भी पैसे नहीं कमा रहा हूं इसलिए मैं अपनी दीदी के साथ ही रह रहा हूं। मेरे जीजा जी की बहन का नाम पायल है वह विदेश में पढ़ाई करती है और वहीं रहती है, वह काफी वर्षों से घर नहीं आई है।

वह मुझे 5 वर्ष पहले मिली थी और उसके बाद से वह घर नहीं आई क्योंकि वह अपने चाचा के साथ विदेश में हीं रहती है और बहुत कम ही उसका घर आना होता है, पायल अक्सर मेरे जीजाजी को फोन करती है और वह हमारी दीदी से भी बात कर लेती है। मैं भी अपने कॉलेज की पढ़ाई अच्छे से कर रहा हूं और कभी-कभार मेरी बात पायल से हो जाती है। एक दिन मेरे जीजाजी कहने लगे कि पायल कुछ दिनों के लिए घर आ रही है, मैंने उनसे कहा कि वह कितने समय तक यहां पर रहने वाली है। वह कहने लगे की एक महीने तक वह घर पर रुकने वाली है क्योंकि उसके कॉलेज का कोई प्रोजेक्ट था इस वजह से ही वह घर आ रही थी। मैंने अपने जीजा जी से पूछा कि वह कब घर आएगी तो वह कहने लगे कि अगले हफ्ते तक आ जाएगी। हम लोग अगले हफ्ते पायल को लेने के लिए एयरपोर्ट चले गए। मेरे जीजाजी और मैं ही साथ में गए थे। मैंने जब पायल को देखा तो मैं उसे बिल्कुल भी नहीं पहचान पाया और जब उसने मुझे देखा तो वह भी मुझे बिल्कुल नहीं पहचान पाई। उसने मेरे जीजा जी से पूछा कि यह लड़का कौन है, मेरे जीजा ने कहा की यह अरमान है। पायल मुझे कहने लगी कि तुम तो बिल्कुल ही बदल चुके हो, पहले तुम कैसे सिंपल से बनकर आ जाते थे। अब तो तुम बिल्कुल सूट बूट पहन कर घूम रहे हो। मैंने उसे कहा कि समय के साथ सब बदल जाता है, तुम भी तो बहुत बदल चुकी हो और बिल्कुल पहचान में नहीं आ रही हो। मेरे जीजाजी कहने लगे कि अब हम लोग घर चलते हैं।

हम लोग घर आ गए, हम लोगों ने कार में बैठकर भी बहुत बातें की। पायल हमसे अपने कॉलेज की बात शेयर कर रही थी और मैं सारी बात सुन रहा था, मैं भी उसे बीच-बीच में अपने कॉलेज की बात शेयर कर लेता। जब पायल घर पहुंची तो मेरी दीदी पायल को देखकर बहुत खुश हुई और वह दोनों गले मिलने लगे। मेरे जीजाजी भी बहुत खुश थे और वह कह रहे थे कि पायल काफी समय बाद घर आई है इसलिए हमें बहुत खुशी हो रही है, उनकी मां भी बहुत खुश थी। मैंने उन्हें बहुत कम हंसते हुए देखा है लेकिन जब पायल घर आई तो वह पायल के साथ बहुत बात कर रही थी और वह बहुत ज्यादा खुश हो रही थी। उनका व्यवहार तो हमारे प्रति बिल्कुल ही गंदा है, वह शुरू से ही हमारे बारे में गलत सोचते हैं लेकिन पायल के आने से उन्होंने कुछ दिनों तक तो हमें ताने नहीं मारे, पायल को भी काफी समय हो चुका था। मैं पायल की मदद उसके प्रोजेक्ट में कर रहा था, उसके साथ मैं अपने जीजा जी की गाड़ी लेकर कई बार जाता था क्योंकि उस वक्त मेरे कॉलेज की छुट्टियां थी इसलिए मैं पायल को समय दे पा रहा था। पायल मुझसे अपने कॉलेज की बातें बहुत शेयर किया करती थी और वह मुझे अपने दोस्तों की भी फोटो दिखाती थी। पायल को अब काफी दिन हो चुके थे और वह मुझे कहने लगे कि मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि कैसे समय निकल गया। मैंने उसे कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए और रुक जाती तो ज्यादा अच्छा रहता। पायल मेरे साथ गाड़ी में बैठी हुई थी जब मैंने गाड़ी रोकी तो मैं गाड़ी से नीचे उतर गया और पायल गाड़ी में ही बैठी हुई थी। जैसे ही वह नीचे उतरी तो बड़ी तेज हवा चलने लगी और उसकी स्कर्ट ऊपर की तरफ उड़ गई उसकी पैंटी मुझे दिखाई दे गई उसने लाल रंग की पैंटी पहनी हुई थी। मुझे बहुत अच्छा लगा जब मैंने उसकी पैंटी को देख लिया मैं तुरंत ही उसके पास गया और उसे गले लगा लिया। मेरे अंदर की पूरी उत्तेजना जाग चुकी थी मैंने उसके होठों को चूसना शुरू कर दिया उसने भी मेरे होठों को अपने होठो में लेकर चूसना शुरू कर दिया। मैंने काफी देर तक उसके होठों को किस किया उसके बाद मैं उसे वहीं झाड़ियों में ले गया और मैंने उसके कपड़े खोल दिए।

जब मैंने पायल के नंगे बदन को देखा तो उसका बदन बहुत चमक रहा था और मुझे बड़ा मजा आ रहा था जब मैं उसके स्तनों को देख रहा था। मैंने उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और बहुत देर तक उसके स्तनों को चूसता रहा। मैंने जैसे ही उसकी योनि पर अपनी जीभ को टच किया तो उसमें से पानी बाहर की तरफ आने लगा। वह मुझे कहने लगी कि तुम अपने लंड मेरा मुंह में डाल दो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया वह काफी देर तक मेरे लंड को चुसती रही और मेरे लंड से भी पानी बाहर निकलने लगा तो मुझसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हुआ। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए जैसे ही उसकी योनि में अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी मुझे बड़ा आनंद आने लगा मैंने उसे बहुत तेज तेज धक्के मारने शुरू कर दिए। वह अपने मुंह से सिसकिया ले रही थी  जब मैं उसे झटके मारता तो उसके चूचे  हिल जाते और उसकी चूत मारने में बड़ा आनंद आ रहा था। मैं उसकी गर्मी को ज्यादा देर तक झेल नही पाया मेरा माल उसकी योनि में गया मै बहुत खुश हुआ  मैं उसे पकड़कर ऐसे ही जमीन पर लेटा हुआ था। कुछ देर बाद हम दोनों ने कपड़े पहने और उसके बाद हम लोग घर आ गए। पायल जितने दिन भी घर पर थी उतने दिन तक मैंने उसे बहुत ही अच्छे से चोदा और उसे भी मुझसे अपनी चूत मरवाने में बड़ा मजा आता था।