दोस्त की बहन को ऑफिस में चोद दिया

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मेरा नाम राजीव है और मैं एक मध्यम वर्गीय परिवार से हूं, मेरे पिताजी एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करते हैं और उन्होंने उसी नौकरी के चलते हुए मुझे कॉलेज में पढ़ाया और मेरी बहन की भी उन्होंने शादी करवा दी। हम लोग एक ज्वाइंट फैमिली में रहते हैं, इसी वजह से मेरे चाचा लोग भी हमारे साथ में रहते हैं। हमारे घर पर बहुत ही शोर शराबा होता रहता है। हमारे घर में मेरे चाचा के बच्चे अभी छोटे हैं और वह लोग बहुत ज्यादा शोर शराबा करते रहते हैं। मुझे कई बार उनकी वजह से पढ़ाई में भी परेशानी होती थी लेकिन वह उसके बावजूद भी बहुत ज्यादा शोर शराबा किया करते थे क्योंकि हमारा घर बहुत ही पुराना है और वह मेरे दादा ने बनवाया था इसीलिए हमारे घर में खेलने की बहुत ही जगह है और मेरे चाचा के बच्चे बहुत ज्यादा शोर करते हैं।

मैंने कई बार उन्हें समझाया लेकिन वह उसके बाद भी नहीं समझते, वह कहते हैं कि हम यहां पर नहीं खेलेंगे तो कहां पर खेलेंगे। मेरे चाचा भी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और वह बहुत ही अच्छे हैं क्योंकि उनका नेचर बहुत ही शांत तरीके का है। वह हमेशा ही मेरे बारे में चिंतित रहते हैं क्योंकि मैंने अभी तक कहीं भी जॉब नहीं की थी। मेरी कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद मैं घर पर ही था। मैंने जब अपने चाचा को अपना रिज्यूम दिया तो उन्होने कहा कि मैं तुम्हारे लिए एक अच्छी जगह पर नौकरी देख लेता हूं। जब मैंने अपना रिज्यूम दिया तो उन्होंने मेरी एक अच्छी कंपनी में नौकरी लगवा दी क्योंकि मैंने पढ़ाई भी एक अच्छे कॉलेज से की थी और जब उन्होंने मेरी क्वालीफिकेशन देखी तो उसके हिसाब से उन्होंने मुझे नौकरी पर रख दिया। अब मैं अपनी नौकरी पर जाने लगा और मैं बहुत ही बिजी हो गया था क्योंकि मैं सुबह ऑफिस में होता और ऑफिस से आने के बाद अपने घर में ही रहता था। मैं ऑफिस से आने के बाद बहुत ज्यादा थक जाता था इसलिए मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था और मैं घर में ही रहता था।

मेरे चाचा और मैं साथ में ही ऑफिस से घर लौटते थे क्योंकि हमारे ऑफिस की टाइमिंग सेम थी। इसी वजह से हम दोनों साथ में ऑफिस से घर लौटते थे। एक दिन मेरी कॉलेज की एक दोस्त ने मुझे फोन किया और कहने लगी कि क्या तुम्हारी नजर में कहीं पर कोई नौकरी हो तो तुम मुझे बता देना। मैंने उसे कहा कि तुम्हें किस के लिए नौकरी देखनी है, तो वह कहने लगी कि मेरी छोटी बहन है उसके लिए मुझे नौकरी देखनी है। जब उसने यह बात मुझे कहीं तो मैंने उसे कहा कि तुम मुझे उसका रिज्यूम दे देना, मैं अपने ऑफिस में उसके लिए बात कर लूंगा क्योंकि अब मुझे अपने ऑफिस में काम करते हुए काफी समय हो चुका था और हमारे ऑफिस में वैकेंसी भी थी इसलिए मैंने उसकी बहन का रिज्यूम उससे ले लिया। उसके बाद उसकी बहन इंटरव्यू देने आयी और उसका सिलेक्शन हो चुका था। वह जब मुझसे मिली तो वह मुझसे बहुत ही अच्छे से बात किया करती थी। उसका नाम सोनिया है। वह बहुत ही अच्छे से बात किया करती थी और अब हम दोनों के बीच में दोस्ती होने लगी थी। मुझे इस बात का बिल्कुल भी आभास नहीं हुआ कि कब हम दोनों के बीच में दोस्ती बढ़ने लगी। मुझे बहुत ही खुशी हो रही थी की मैं सोनिया से बात कर रहा हूं। क्योंकि वह बहुत ही सिंपल और साधारण किस्म की लड़की है। वह मुझे अच्छी लगने लगी थी और हम दोनों के बीच में एक रिलेशन बन चुका था। यह बात मैंने लता से नहीं कही थी और ना ही सोनिया ने लता से यह बात कही क्योंकि सोनिया मुझे कहने लगी कि यदि हमारे बारे में लता को पता चलेगा तो वह बुरा मान जाएगी इसीलिए मैंने भी लता से इस बारे में बात नहीं की। मैं और सोनिया अक्सर घूमने के लिए चले जाते थे और जब भी मैं सोनिया के साथ होता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था। उसे भी मेरे साथ रहना बहुत ही पसंद था। हम दोनों ऑफिस में भी बहुत बातें किया करते थे। जब सोनिया मुझसे ऑफिस में बात करती तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था और मैं भी सोनिया से बहुत बातें किया करता था।

मेरी उससे फोन में भी बात हो जाती थी और मैं उससे फोन में भी बात कर लिया करता हूं। जब मैं सोनिया को फोन करता था तो मैं पहले उसे पूछ लिया करता कि कहीं लता तो तुम्हारे बगल में नहीं है, उसके बाद ही वह मुझसे बात किया करती थी क्योंकि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता था कि लता को मेरे बारे में पता चले। अब हम दोनों का रिलेशन बहुत आगे बढ़ चुका था। मैं अपने ऑफिस के बाद सोनिया के साथ बहुत ही समय बिताया करता था। हम दोनों साथ में ही समय बिताया करते थे लेकिन ना जाने एक दिन  लता को हम दोनों के बारे में कैसे पता चल गया। जब उसे हमारे बारे में पता चला तो वह मुझसे बात नहीं कर रही थी और जब मैंने उसे फोन किया तो वह कहने लगी कि तुमने मेरी ही बहन से रिलेशन रखना शुरू कर दिया और मुझे इसके बारे में बताया भी नहीं, तुम दोनों एक साथ रिलेशन में हो मुझे इस बात की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। वह मुझसे बहुत ही गुस्सा थी लेकिन मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें बताने ही वाला था लेकिन तुम्हें बता नहीं पाया। उसने सोनिया को भी बहुत डांटा और जब सोनिया ने मुझे इस बारे में बताया तो मैंने उसे कहा कि तुम लता को मुझ से मिलवाने ले आओ। उसने किसी भी प्रकार से लता को मना लिया और वह मुझसे मिलने के लिए आ गई।

जब वह मुझसे मिलने आई तो उस दिन हम लोग एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे। मैंने लता को सारी बात बताई और उसे कहा कि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता था कि तुम्हें हम दोनों के रिलेशन के बारे में पता चले क्योंकि यदि तुम्हें इस बारे में पता चलता तो तुम बहुत ही गुस्सा हो जाती और मुझे ही तुम गलत ठहराती। अब लता मुझसे कहने लगी कि तुम्हें मुझ पर भरोसा नहीं था क्या, मैं तो तुम्हें कॉलेज से ही जानती हूं और तुम मेरे बहुत ही अच्छे दोस्त हो, उसके बावजूद भी तुमने मुझे एक बार भी बताना उचित नहीं समझा। तुम और मेरी बहन एक साथ रिलेशन में काफी समय से हो लेकिन तुमने उसके बाद भी मुझे कभी भी इस बात की जानकारी नहीं दी, मुझे इस बात का बहुत ही दुख है यदि तुम मुझे बता देते तो शायद मुझे भी अच्छा लगता। फिर मैंने उसे किसी ना किसी प्रकार से समझा ही लिया और वह मेरी पूरी बात समझ चुकी थी। अब हम दोनों के रिश्ते को लेकर लता को कोई टेंशन नही थी क्योकि उसे मेरे बारे में सब कुछ पता था की मेरा नेचर बहुत ही अच्छा है और वह मुझे कॉलेज से ही जानती है। लता और मैं कॉलेज में एक साथ ही रहते थे और मुझे जब भी कुछ जरूरत पड़ती तो लता हमेशा ही मेरी मदद करती थी। उसने मुझे कभी भी किसी चीज के लिए मना नहीं किया और ना ही मैंने लता को किसी चीज के लिए कभी मना किया है। अब लता ने भी हम दोनों के रिश्ते के लिए हामी भर दी थी इसलिए सोनिया और मैं अब एक साथ घूमने के लिए चले जाते थे। जब भी उसके घर वाले उसे पूछते कि तुम इतनी लेट कहां से आ रही हो, तो लता उसका बचाव कर लिया करती थी, इसी के चलते मैं अब सोनिया के घर भी जाने लगा और मैंने सोनिया को अपने घर में भी अपने मम्मी-पापा से मिलवा दिया था और वह लोग भी सोनिया को मिलकर बहुत ही खुश थे और कह रहे थे कि सोनिया बहुत ही अच्छी लड़की है। जब उन्होंने इस प्रकार की बात कही तो मुझे भी बहुत ही अच्छा लगा और अब हम दोनों का रिश्ता बहुत ही अच्छे से चल रहा था। हम दोनों ऑफिस में भी साथ में ही रहते थे। एक दिन सोनिया मेरे बगल में बैठी हुई थी तो उसी का गांड मुझसे टच हो रही थी और वह कुछ ज्यादा ही मुझसे चिपक रही थी मुझे समझ नहीं आ रहा था कि सोनिया को क्या चाहिए। मैंने जब उसके पैर पर अपना हाथ रखा तो उसने अपने मुंह से तेज आवाज निकाली। मैं समझ गया कि उसे मेरे लंड की जरूरत है।

मैंने उसे कहा कि तुम बाथरूम में चलो और मैं तुम्हारे पीछे बाथरूम में आता हूं जब हम लोग बाथरूम में गए तो मैंने उसकी गांड को कस कर दबाना शुरू कर दिया मैंने उसकी गांड को इतनी जोर से दबाया कि वह अपने मुंह से आवाज निकालने लगी। जैसे ही मैंने उसकी पैंट को नीचे किया तो उसकी गांड पर मेरे हाथ के निशान पड़ चुके थे और मैंने भी अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह में डाल दिया। उसने मेरे लंड को इतने अच्छे से चुसा की मेरा पानी निकल गया। अब वह पूरी तैयार हो चुकी थी और मैंने जैसे ही उसकी चूत पर उंगली लगाई तो उसका तरल पदार्थ निकलने लगा वह पूरे मूड में थी और मैं उसकी चूत जोर से दबाने लगा। मैंने उसे घोडी बनाते हुए जैसे ही उसकी योनि पर अपने लंड को टच किया तो मेरा लंड अंदर ही नहीं जा रहा था लेकिन मैंने जैसे ही धक्का मारा तो मेरा लंड अंदर चला गया। मेरा लंड पूरा उसकी योनि के अंदर जा चुका था और जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर की तरफ निकाला तो उसकी योनि से खून निकलने लगा और मैंने उसकी चूतड़ों को कसकर पकड़ते हुए उसे झटके देने शुरू किए उसके मुंह से बड़ी तेज आवाज निकल जाती। मैं उसे बड़ी तेज तेज धक्के दिए जा रहा था वह मेरे लंड को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी लेकिन फिर भी वह मेरा साथ दे रही थी। पहले उसे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था लेकिन अब उसे भी मजा आने लगा और वह मेरा पूरा साथ देने लगी। वह अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाती तो मुझे बड़ा मजा आता। मैंने उसे इतनी तेजी से झटका मारना शुरू किया की उसकी योनि से बड़ी तेजी से खून का रिसाव होने लगा और मैं भी उसकी योनि की गर्मी को ज्यादा देर तक बर्दाश्त ना कर सका। मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर ही जा गिरा और कुछ समय बाद सोनिया प्रेग्नेंट हो गई।