दीदी की ननद को बड़े अच्छे से चोदा

desi chudai ki kahani

मेरा नाम संजय है और मैं बनारस का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है और यह मेरे कॉलेज का आखरी वर्ष है। मेरा कॉलेज अब खत्म होने वाला है उसके बाद मैं अपने पापा के साथ ही उनका काम ज्वाइन कर लूंगा क्योंकि उनका बुक सप्लाई का काम है, वहां सारे स्कूलों में किताबें सप्लाई करने का काम करते हैं और मैं भी उनके साथ ही जॉइनिंग कर लूंगा। मुझे बहुत ही अच्छा लगता है जब मैं अपने पिता के साथ उनके काम पर जाता हूं। अब मैं धीरे-धीरे अपने पिता के साथ काम भी करने लगा और मैं काम भी सीखने लगा था क्योंकि मेरे कॉलेज के एग्जाम हो चुके थे और मैं घर पर खाली ही बैठा था, इस वजह से मैं पापा के साथ चले जाया करता था। वह बहुत ही खुश होते थे जब मैं उनके साथ उनके ऑफिस में जाता था और कभी-कभार उनके साथ स्कूल में भी चले जाता था, जहां पर वह किताबें सप्लाई करते हैं।

मेरी बहन का नाम आशा है और वह एक कंपनी में नौकरी करती है। उसने भी अपने कॉलेज की पढ़ाई के तुरंत बाद ही इस कंपनी में ज्वाइन कर लिया था। पापा ने उसे मना किया था कि तुम जॉब मत करो लेकिन उसके बावजूद भी वह जॉब करने लगी क्योंकि पापा और मम्मी बिल्कुल भी नहीं चाहते थे कि वह कहीं बाहर काम करने के लिए जाए। पापा उसे हमेशा समझाता है कि हमारे घर पर किसी भी चीज की कमी नहीं है उसके बाद भी तुम नौकरी करने के लिए जा रही हो, यह अच्छी बात नहीं है लेकिन वह कहती थी कि मेरा घर पर बिल्कुल भी टाइम पास नहीं हो पाता इसलिए मैं नौकरी करने के लिए जाती हूं। आशा को नौकरी करना बहुत ही अच्छा लगता है क्योंकि वह कुछ ना कुछ नया करने की कोशिश करती है, इसी वजह से वह लोगों से भी मिलती रहती है। पापा ने उसे कई बार कहा कि तुम्हें यदि कोई नया काम खोलना है तो तुम वह भी खोल सकती हो वह कहने लगी कि कुछ समय बाद ही मैं अपना कुछ काम शुरू कर दूंगी, उस वक्त मैं आपसे मदत जरूर लूंगी लेकिन अभी मैं कुछ पैसे जमा कर रही हूं।

एक दिन जब उसने पापा को अपने रिलेशन के बारे में बताया तो पापा बहुत ही हैरान हो गए और वह बहुत गुस्सा भी है क्योंकि उन्हें बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि आशा कभी भी इस प्रकार कदम उठाएगी या उसे कोई लड़का पसंद आएगा लेकिन जब उसने अपने रिलेशन के बारे में घर में बताया तो पापा और मम्मी दोनों ही गुस्सा थे। जब उसने घर वालो को लड़के से मिलाया तो लड़का एक बहुत ही अच्छी जॉब पर था इसीलिए पापा अब शांत हो गए थे क्योंकि पापा बिल्कुल निश्चिंत हो गए थे कि आशा ने एक अच्छा लड़का चुना है जो उसे खुश रख पाएगा और वह लोग एक अच्छे घर से भी थे। लड़के का नाम रोहित है और आशा उसके साथ बहुत ही खुश है। रोहित ने भी अपने घर पर सब कुछ बता दिया था इसलिए उसके मम्मी-पापा हमारे घर पर आए थे और वह जब हमारे घर पर आए तो वह लोग भी बहुत खुश हुए और उन्हें बिल्कुल ऐसा नहीं लगा कि आशा में किसी भी प्रकार की कोई कमी है। रोहित के घर वाले चाहते थे कि आशा की शादी रोहित से जल्दी से जल्दी हो जाए इसीलिए उन्होंने मेरे पापा से इस बारे में बात की और जब उन्होंने इस बारे में मेरे पापा से बात की तो वह भी तैयार हो गए लेकिन आशा और रोहित अभी कुछ समय और चाहते थे इसी वजह से वह लोग अभी शादी नहीं करना चाह रहे थे। रोहित बहुत ही अच्छा लड़का है उसके हाव भाव से ही साफ प्रतीत होता है लेकिन पापा और मम्मी की जिद के आगे वह लोग मान गये और अब उन लोगों ने शादी के लिए हां कह दी। अब उन दोनों की शादी की तैयारियां होने लगी थी और वह दोनों भी बहुत खुश थे। आशा भी इस रिश्ते से बहुत खुश थी। जब रोहित की बहन पारुल हमारे घर पर आई तो मुझे वह बहुत ही अच्छी लगी और शायद उसको भी मैं उसी वक्त अच्छा लग गया था लेकिन हम दोनों की बातें ज्यादा नहीं हो पाई। अब हम लोग भी आशा की शादी के सिलसिले में बिजी थे और मैंने ही घर का सारा काम किया जिससे कि पापा को बिल्कुल भी दिक्कत नहीं हुई और वह कहने लगे कि तुमने बहुत ही अच्छे से घर का काम करवाया है। अब तुम बड़े हो चुके हो, अपनी जिम्मेदारी उठाने लायक हो गए हो। मुझे भी अब ऐसा ही लग रहा था।

जब हमारे घर में शादी की सारी तैयारियां हो गई तो हमारे रिश्तेदार भी आ गए और हमने बड़े ही धूमधाम से आशा की शादी करवाई। रोहित के घर वाले भी बहुत खुश थे और वो कह रहे थे कि आपने शादी में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी, हमें बहुत ही अच्छा लगा, आपने शादी का बहुत ही अच्छे से बंदोबस्त किया था। आशा मुझे फोन कर दिया करती थी और मेरे बारे में पूछ लिया करती थी। वह पापा और मम्मी को भी फोन करती थी और उनके बारे में हाल-चाल पूछ लिया करती थी। मुझे काफी समय हो चुका था आशा से मिले हुए इसलिए मैं सोचने लगा क्यों ना मैं आशा के घर उससे मिलने चला जाऊं और उसे सरप्राइस दू। मैंने यह बात रोहित से शेयर कर ली थी और उसे कहा था कि मैं आशा से मिलना चाहता हूं, उसने कहा कि ठीक है मैं इस बारे में आशा को बिल्कुल भी नहीं बताऊंगा। अब हम लोगों ने आशा को इस बारे में नहीं बताया और मैं आशा से मिलने के लिए चला गया। जब मैं आशा से मिला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और उसने मुझे देखते ही गले लगा लिया और कहने लगी कि तुम इतने दिनों बाद मुझसे मिले हो  मुझे बहुत ही खुशी हो रही है और मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं इतने दिनों बाद आशा से मिला। आशा मुझसे मिलकर बहुत ही खुश हो रही थी। हम लोग आपस में बैठकर बहुत बातें कर रहे थे, उसी वक्त पारुल भी आ गयी और वह भी हमारे साथ बैठ गयी।

उसने जब मुझे देखा तो वह मुझसे पूछने लगी कि तुम कब आए, मैंने उसे बताया कि मुझे आए हुए काफी समय हो चुका है। मैंने जब पारुल से पूछा कि तुम कहां थी तो वह मुझे कहने लगी कि मैं आज कल डांस की प्रैक्टिस कर रही हूं इसीलिए मैं अपनी डांस क्लास जाती हूं। मैंने पायल से मजाक में कह दिया की तुम मुझे भी डांस सिखा दो तो मेरा भी भला हो जाए, वह कहने लगी कि हां ठीक है मैं तुम्हें डांस सिखा दूंगी। मुझे बहुत ही हंसी आ रही थी और पारुल भी हंसने लगी। मैं पारुल के साथ ही ज्यादा समय बिताने लगा और कहीं ना कहीं उस वक्त हम दोनों के बीच में नजदीकियां बढ़ने लगी थी क्योंकि मैं अब पारुल से बात करने लगा था। पारुल भी मुझे पहले से ही पसंद करती थी लेकिन उसने भी कभी मुझसे अपने दिल की बात नहीं कही और ना ही मैंने उसे कभी भी अपने दिल की बात कही थी लेकिन उसे मेरे साथ समय बिताना अच्छा लग रहा था और वह मुझे कह रही थी कि तुमने बहुत ही अच्छा किया जो तुम अपनी बहन से मिलने चले आए क्योंकि मैं तुम्हें बहुत ही मिस करती थी। मैंने भी उससे पूछ लिया की क्या तुम भी सच मे मुझे मिस करती हो, तो वह कहने लगी कि मैं तुम्हें क्यों मिस करूंगी तुम मेरे कुछ लगते हो क्या, मैंने पारुल से पूछा कि मैं तुम्हारा वाकई में कुछ नहीं लगता, तो वह हंसने लगी और अब मुझे भी बहुत जोर से हंसी आने लगी। हम दोनों बड़े ही जोर से हंस रहे थे और आपस में ही हम दोनों बैठ कर बातें कर रहे थे। मुझे पारूल के साथ वक्त बिताने में बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा था। पारुल और मैं बहुत ज्यादा समय साथ में बिताते थे। एक दिन वह अपने कमरे में लेटी हुई थी और मैं उसके कमरे में चला गया जब मैं उसके रूम में गया तो मैंने उसे जैसे ही डराने की कोशिश की तो वह मुझसे चिपक गई। जब वह मुझसे चिपकी तो उसके स्तन मेरी छाती से टकराने लगे मेरा लंड खड़ा हो चुका था। उसे साफ प्रतीत होने लगा और उसने मेरे होठों को किस करना शुरू कर दिया। मैं भी उसके होठों को किस करने लगा मैंने काफी देर तक उसके होठो को चूसना जारी रखा जिससे कि वह पूरे मूड में आ गई और मुझे भी बहुत अच्छा लगा लगा। मैंने जैसे ही उसके सारे कपड़े उतारे तो उसका बदन बहुत मस्त हो गया उसकी पैंटी उसकी गांड के अंदर घुसी हुई थी।

मैने उसके स्तनों को जैसे ही अपने मुंह में लिया तो वह बड़ी तेजी से सिसकियां लेने लगी। मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया और उसकी योनि को चाटने लगा मैंने उसकी योनि को बहुत अच्छे से चाटा उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। वह मेरे लंड को अपने गले तक ले रही थी मुझे ऐसा लगता जैसे वह मेरे लंड का जूस निकाल ना दे। मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवा दिया। मुझे बहुत ही दिक्कत होने लगी जब मैं उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल रहा था क्योंकि उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी मुझे उसकी योनि में डालने में बड़ी समस्या हो रही थी। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर चला गया तो उसके मुंह से बड़ी तेज आवाज निकली। मैंने उसके दोनों पैरों को इतना कस कर पकड़ लिया कि वह कहीं भी नहीं हिल पा रही थी उसके दोनों पैर मेरे कंधों पर थे और मैं उसे बड़ी तीव्र गति से धक्के दिया जा रहा था। मैं उसे इतनी तेज तेज धक्के मार रहा था कि उसका पूरा शरीर हिल रहा था और उसके स्तन भी हिल रहे थे। मैं उसके स्तनों को बड़ी तेजी से दबा रहा था उसे बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था वह भी अपने मुंह से मादक आवाज लेने लगी। मै उसे बड़ी तेजी से धक्के मारता उसका झड़ने वाला था उसने अपने दोनों पैरों  से मुझे कसकर जकड़ लिया और मुझे उसे धक्के मारने में बड़ी दिक्कत हो रही थी फिर भी मैं उसे झटके दिए जा रहा था अब मेरा वीर्य झड़ने वाला था। मैंने अपने लंड को तुरंत बाहर निकालते हुए पारुल के मुंह के अंदर डाल दिया और उसने मेरे सारे वीर्य को एक ही झटके में अपने अंदर समा लिया।