कॉलेज की दोस्त को अपने कमरे में चोदा

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मेरा नाम रमन है और मैं पुणे का रहने वाला हूं। मेरे पिताजी बैंक में मैनेजर हैं और मैं एमबीए करता हूं, ये मेरे कॉलेज का आखिरी वर्ष है इसलिए हमारे कॉलेज में कई कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आ रही हैं क्योंकि हमारे कॉलेज का नाम बहुत ही अच्छा है और हमारे कॉलेज में बहुत सारे बच्चे बाहर से पढ़ने भी आते हैं। कई लोग पुणे के ही हैं। मेरा एक दोस्त है जिसका नाम राहुल है, वह भी पुणे का ही है। वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त है और हमेशा ही मेरे साथ रहता है। मेरी और राहुल की बहुत ज्यादा जमती है और हम दोनों सोचते हैं कि हम दोनों की जहां पर भी जॉब लगे एक साथ ही लगे। हमारे क्लास में एक लड़की है उसका नाम अंजली है। मैंने उससे अपने कॉलेज के दौरान कभी भी बात नहीं कि लेकिन मुझे वह बहुत बहुत पसंद है।

मैं सिर्फ उसे देखता ही रहता हूं, मेरी बात उससे कभी भी नहीं हुई। मैं जब भी राहुल से कहता हूं तो वह कहता है कि तुम एक नंबर के डरपोक हो तुम्हारे बस की बात कुछ भी नहीं है यदि मैं अंजलि को पसंद करता तो मैं कब का उसे कह चुका होता लेकिन मैं राहुल से कहता हूं तुम्हें तो मेरा नेचर पहले से ही पता है मैं बिल्कुल ही शर्मिला किस्म का व्यक्ति हूं, इसी वजह से मैं अंजलि को अपने दिल की बात नहीं कर पाया और मुझे भी लगता है कि मुझे अंजली को अपने दिल की बात कह देनी चाहिए थी परंतु मैंने उसमें बहुत देर कर दी, हमारे कॉलेज का आखिरी वर्ष है और इसके बाद शायद कोई भी एक दूसरे को ना मिल पाए। हमारे साथ के कई बच्चों का प्लेसमेंट हो चुका था और अब एक कंपनी जो कि दिल्ली में है वह हमारे कॉलेज में प्लेसमेंट के लिए आई। हम सब लोगों के इंटरव्यू लिए जा रहे थे और मैंने भी उस दिन इंटरव्यू दिया। मेरा उस कंपनी में सिलेक्शन हो गया और बहुत ही अच्छी सैलेरी वह लोग दे रहे थे।

राहुल और अंजली का भी उसी कंपनी में सिलेक्शन हो गया, जब राहुल को यह पता चला तो उसने मुझे बताया, मैं बहुत ही खुश हुआ और उसे कहने लगा यह तो बहुत अच्छी बात है कि तुम्हारा सिलेक्शन भी मेरे साथ ही हो गया, अब हम दोनों दिल्ली में साथ में ही रहेंगे। राहुल अंजलि से बात करता था उसने जब अंजलि से पूछा कि क्या तुम्हारा सिलेक्शन भी हुआ है तो वह कहने लगी कि हां मेरा सिलेक्शन भी हो चुका है। वह पूछने लगी और किस किस का सिलेक्शन दिल्ली के लिए हुआ है, मैंने उसे बताया कि काफी लोगों का हुआ है और रमन का भी दिल्ली के लिए सिलेक्शन हो गया है। मैं उस दिन बहुत खुश था और मैंने जब यह बात अपने माता पिता को बताई तो वह लोग खुश हो गए। मुझे कंपनी के द्वारा एक अच्छा सैलरी ऑफर भी दिया जा रहा था। मेरे पिताजी मुझसे पूछने लगे कि तुम दिल्ली कब जाओगे, मैंने उन्हें बताया, कुछ समय बाद कंपनी के द्वारा फोन किया जाएगा और वही लोग बताएंगे कि कब से जॉइन करनी है। हम लोगों के आखरी वर्ष के पेपर बचे थे, जब हम लोगों ने वह पेपर दिए तो उसके बाद हमारा रिजल्ट आ चुका था और रिजल्ट आने के कुछ समय बाद ही हमें उस कंपनी का फोन आ गया। मैंने जब राहुल को फोन करते हुए कहा कि मुझे फोन आया है कि कुछ समय बाद जॉइनिंग करना है, तो वह कहने लगा कि मुझे भी कॉल आया था। अब हम लोग दिल्ली जाने की तैयारी करने लगे। मैंने अपना सारा सामान रख लिया और राहुल ने भी अपना सारा सामान रख लिया था क्योंकि हम लोग काफी समय बाद दिल्ली से घर लौटने वाले थे इसलिए हम लोगों ने सारा सामान रख लिया था। राहुल और मैं ट्रेन से ही दिल्ली गए। जब हम लोग दिल्ली पहुंच गए तो हम लोगों ने वहां पर अपने लिए रहने का बंदोबस्त कर लिया हम लोगों ने एक घर किराए पर ले लिया था,  मैं और राहुल साथ में ही रहने वाले थे। जब हम लोगों का कंपनी में पहला दिन था तो उस दिन मुझे अंजलि भी दिख गई वह राहुल से बात करने लगी और राहुल भी उससे पूछने लगा की तुम दिल्ली कब आई, वह कहने लगी कि मैं अभी दो दिन पहले ही दिल्ली पहुंची हूं। उस दिन अंजलि ने मुझ से भी बात की और मैंने भी उस दिन उससे पहली बार बात की। मैंने भी उसे जल्दी से पूछा कि तुम दिल्ली में किसके पास रह रही हो, तो वह कहने लगी कि मैं अपने मामा के घर पर रुकी हूं और कुछ समय बाद मैं अपने लिए अलग घर ले लूंगी।

हम तीनों पुणे से ही हैं इसलिए हम तीनों को दिल्ली के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। हम लोगों ने पहले दिन अपने सारे डॉक्यूमेंट कंपनी में जमा करवा दिए और उसके बाद हम लोग हमेशा की तरह सुबह ऑफिस आ जाया करते थे। अंजलि और मेरे बीच में भी अब बातें होने लगी थी और राहुल मुझे हमेशा ही चिढाता रहता था, जब मैं अंजलि से बात करता था। हम तीनों साथ में ही ऑफिस की कैंटीन में बैठ जाते तो अपने कॉलेज के दिनों को याद किया करते थे। एक दिन अंजलि मुझसे कहने लगी कि तुमने कभी भी मुझ से कॉलेज में बात नहीं की, राहुल बहुत जोर से हंसने लगा और वह अपना पेट पकड़कर हंसने लगा। अंजली उससे पूछने लगी कि तुम इतना ज्यादा क्यों हंस रहे हो, राहुल ने कुछ भी जवाब नहीं दिया और मैंने जब अंजली से कहा कि मैं तुम्हें बहुत ही गुस्से वाली लड़की समझता था इस वजह से मैंने तुमसे कभी भी बात नहीं की। मुझे लगता था तुम बहुत ही ज्यादा घमंडी हो,  वह यह बात सुनकर मुझ पर गुस्सा हो गई लेकिन मैंने उसे कहा कि मेरा कहने का मतलब वह नहीं था जो तुम समझ रही हो, मेरी तुमसे बात करने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं हो पाती थी। अब हम तीनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं और जिस दिन हमारी छुट्टी होती है उस दिन हम तीनों ही साथ मूवी देखने जाते थे।

एक दिन अंजली कहने लगी कि मैं भी तुम्हारे घर पर आना चाहती हूं, मैंने उसे कहा कि तुम हमारे घर पर आ कर क्या करोगी, वह पर बहुत ही ज्यादा गंदगी है और बहुत बदबू आ रही होगी लेकिन अंजलि ने कहा कि नहीं मुझे तुम्हारे घर पर आना है। जब हम उसे अपने घर पर ले गए तो उसने अपने नाक में अपना रुमाल रख लिया और कहने लगी यहां तो वाकई में बदबू आ रही है, वह कहने लगी कि तुम लोग साफ सफाई नहीं करते हो, हम लोग कहने लगे कि हम लोग साफ सफाई करते हैं लेकिन हम से बिल्कुल भी घर का काम नहीं हो पाता। उस दिन अंजलि ने हमारी बहुत मदद की और पूरे घर को साफ कर दिया। सफाई करने के बाद हमें भी रहने में अच्छा लग रहा था। मैंने अंजलि से कहा कि तुमने बहुत ही अच्छे से घर की सफाई कर दी है, अब हमें यहां रहने का मन भी कर रहा है। उस दिन अंजलि ने हमारे घर पर खाना भी बनाया और हम लोगों ने जब वह खाना खाया तो उसने बहुत ही टेस्टी खाना बनाया था, हमें बहुत अच्छा लगा। राहुल भी अंजली की बहुत तारीफ कर रहा था और कह रहा था कि तुम वाकई में खाना बहुत अच्छा बनाती हो। अब अंजली अक्सर हमारे घर पर आती जाती रहती थी। हम लोग ऑफिस में भी साथ में समय बिताते थे। एक दिन राहुल मुझसे कहने लगा कि मेरे पापा की तबीयत खराब है इसलिए मुझे घर जाना पड़ेगा, मैंने जब उससे पूछा कि तुम्हारे पापा की तबियत को क्या हो गया तो वह कहने लगा कि उन्हें बहुत ही ज्यादा बुखार आ रहा है और अभी तक उनका बुखार ठीक नहीं हुआ, इस वजह से मुझे घर जाना पड़ेगा, वह पुणे चला गया। उसने ऑफिस से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले ली थी और जब अंजलि को इस बारे में पता चला तो वह मुझसे पूछने लगी की राहुल के पिता को क्या हुआ है, मैंने उसे बताया कि उसके पिताजी की तबीयत काफी खराब है और वह अभी ठीक नहीं हुए हैं। मैं अब अकेला हो गया था इसलिए मैं बहुत बोर भी हो रहा था छुट्टी के दिन जब अंजली मुझसे मिलने आई तो वह कहने लगी कि तुम तो घर में अकेली ही हो तुम तो बहुत बोर हो रहे होंगे। मैंने उससे कहा कि हां मैं तो बहुत बोर हो रहा हूं वह कहने लगी चलो हम लोग लैपटॉप में कोई मूवी देखते हैं अब हम लोग मूवी देख रहे थे और वह मेरे साथ बैठी हुई थी। उसने बहुत टाइट जींस पहनी हुई थी और उसका टॉप भी टाइट था इसलिए उसमें उसके स्तन साफ दिखाई दे रहे थे।

मेरा हाथ जैसे ही अंजली के स्तनों पर लगा तो वह पूरे मूड में आ गई और मुझे भी बहुत मजा आने लगा जब मेरा हाथ उसके स्तनों पर लगा। मैंने उसके स्तनों को बहुत जोर से दबाना शुरू कर दिया और मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने उसे वही जमीन पर लेटा दिया और उसे कसकर दबाना शुरू कर दिया। मैंने उसे बहुत जोर से दबाया और मुझे बड़ा मजा आने लगा जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में ले रहा था। मैंने उसकी जींस को उतारते हुए उसकी चिकनी योनि को जब अपनी जीभ से चाटा तो उसे पूरा पानी बाहर की तरफ निकलने लगा और उसकी योनि अब पूरी गीली हो चुकी थी। मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि पर टच किया तो उसकी गर्मी बाहर निकलने लगी मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा मैंने जैसे ही एक झटके में अपने लंड को अंदर डाला तो उसके मुंह से चिल्लाने की आवाज निकल पड़ी। मैंने उसके दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा उसकी योनि से खून निकलने लगा था और मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैं उसे झटके मार रहा था वह मेरा साथ दे रही थी मुझे उसे धक्के देने में बहुत ही आनंद आ रहा था और वह भी अपने मुंह से आवाज निकाल रही थी और मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी। मैंने भी उसे बड़ी तेज तेज धक्के मारने जारी रखे मेरा लंड बुरी तरीके से छिल चुका था मैं ज्यादा समय तक उसकी टाइट चूत को बर्दाश्त नहीं कर पाया मेरा वीर्य उसके योनि में जा गिरा।