चाचा के बेटे संग चुदाई

rishton me chudai

हाय दोस्तों, गुड डे, मेरा नाम संगीता गोस्वामी है और मैं पटना की रहने वाली हूँ | मेरी उम्र 23 साल है और मैंने हाल ही में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है | मेरा रंग गोरा है और मेरी हाईट 5 फुट 6 इंच है | मेरा  स्लिम शरीर और उसपे नोकदार चुच्चिया और बड़ी सी गोल गांड | आप लोग अंदाजा लगा सकते हैं मेरे सेक्सी शरीर का | मुझे सभी कहते हैं कि संगीता तू बहुत सुन्दर और सेक्सी है | यही वजह थी कि मुझे अपनी खूबसूरती पर गुरूर होने लगा था | मैं बहुत ही शांत स्वभाव की लड़की थी जब मैं स्कूल में पढ़ा करती थी | जैसे ही मैंने दसवी कक्षा पास कर ग्यारहवी में गई तब मुझमे कुछ शारीरक विकास हुए | अब मेरी दूध बड़े होने लगे थे और मेरा फिगर सेक्सी होने लगा था | मुझमे कुछ नयी गतिविधियाँ होने लगी थी | अब मैं जवान होने लगी थी | वैसे मैं आप लोगो को बता दूं कि मेरे घर में मेरे पापा ( नीरज गोस्वामी ) जो की बैंक विभाग में कार्यरत हैं, मेरी मम्मी ( सुलोचना गोस्वामी ) पहले प्राइवेट स्कूल में पढाया करती थी फिर बाद में उन्होंने वो जॉब छोड़ दी | इनके अलावा मेरे चाचा ( सतीश गोस्वामी ) प्राइवेट जॉब करते हैं और चाची ( रीना गोस्वामी ) घर सिलाई कढ़ाई करती हैं, मेरे चाचा का बेटा ( रिषभ गोस्वामी ) अभी उसने कॉलेज में एडमिशन लिया है | मेरा भाई दिखने में सांवला है और उसकी हाईट 5 फुट 8 इंच है | मैं और मेरा भाई हम दोनों भाई बहन तो हैं ही लेकिन उससे भी ज्यादा हम दोस्त हैं क्यूंकि हम लोग शुरू से ही साथ में रहे हैं खेले हैं और पढाई लिखाई सब साथ में | मैं उससे बड़ी हूँ इसलिए वो मुझे दीदी कर के बोलता है | अब मैं कहानी शुरू करती हूँ –

एक दिन की बात है जब मैंने जवानी की दहलीज पर कदम रखा ही था तब गर्मी का सीजन चालू हो चुका था और गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी | अगली सुबह मैं जब सो कर उठी तो मैंने महसूस किया कि मेरी चूत एक दम गीली गीली लग रही थी और फिर जब मैं बाथरूम गई तो देखा कि मेरी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी और मेरी चूत से खून बह रहा था | मैं एक दम से डर गई कि आखिर ये क्या हो गया | मैं क्या करूँ मेरी समझ में कुछ नहीं आ रहा था | मैं बाथरूम में ही थी और तभी मम्मी ने मुझे आवाज़ दी तो मैंने मम्मी को अपने पास बुलाया और उन्हें बताया कि ऐसा ऐसा हुआ मेरे साथ | मम्मी ने मुझसे कहा कि तू परेशान मत हो ये सभी लड़कियों के साथ होता है | तू साफ़ कर और नहा कर रेडी हो जा | मैंने पुछा उससे क्या होगा ? तो मम्मी ने कहा रुक अच्छा | फिर वो अपने पास से पैड ले कर आई और कहा कि इसे अपनी योनी के नीचे लगा लेना इससे तेरी पेंटी ख़राब नहीं होगी | अब मैं सब कुछ समझ चुकी थी | मेरी समझ में आ गया था कि अब ये सिलसिला मेरे साथ हर महीने चलने वाला है | ऐसे ही होते होते मुझे इसकी अदात सी हो गई | मेरी एक सहेली है जिसका नाम प्रियंका है और वो मेरी क्लासमेट थी स्कूल में | मैं उसके घर गई हुई थी हम दोनों उसके रूम में बैठ कर बात कर रहे थे कि तभी उसे पता नहीं क्या सूझी उसने मुझसे कहा कि यार एक चीज़ दिखाऊ तुझे तो मैंने पुछा क्या ? तो उसने अपना कंप्यूटर चालू कर दिया और मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ाने लगी | वो मुझे भाई बहन के बीच चुदाई के बारे में कहानी पढ़ा रही थी | थोड़ी कहानी मैंने पढ़ी लेकिन चूत लंड दूध जैसे शब्द आने लगे तो मैंने उससे कहा भाग मैं नहीं पढूंगी | ये सब चीज़ गन्दी हैं पर असल में मुझे कहानी पढना अच्छा भी लग रहा था | उसने मुझसे कहा देख यार संगीता तू इतनी सुन्दर है तू अपनी जवानी का असली इस्तेमाल करना नहीं जानती | मैंने उससे पुछा तो वो कैसे करते हैं | देख मेरे चाचा का एक बेटा है और मैं उससे खूब चुद्वाती हूँ | मैंने कहा अरे नहीं यार ये गलत है भाई बहन का रिश्ता बहुत अनमोल होता है ये सब ठीक नहीं रहता | उसने कहा अरे पागल यही तो जिन्गदी का असली मजा है | मैंने कहा चल अच्छा अब मैं निकलती हूँ मेरा टाइम हो गया | जब मैं अपने घर आई और अपने रूम में जाने लगी तभी मेरा भाई भी मेरे कमरे से निकल रहा था | हम दोनों अपनी धुन में थे इसलिए ध्यान नहीं गया और हम एक दूसरे से टकरा गए | मेरे दूध उसकी छाती पर टच हो गए | ये एहसास मेरे लिए नया था और मुझे अच्छा लगा | रात के समय मैं अपने कमरे में पढाई कर रही थी तभी मुझे प्रियंका की याद आने लगी और उसने अपने भाई से सेक्स के बारे में कहा वो मुझे सब याद आने लगा था |

यही सब सोचते सोचते मेरी चूत गीली हो गई थी | मैंने अपने कंप्यूटर को ऑन किया और फिर वही चुदाई की कहानी पढ़ते हुए अपनी चूत सहलाने लगी | तभी मेरे भाई ने दरवाजे पर दस्तक दी तो मैं थोडा डर गई | मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहने और दरवाजे को खोला तो देखा कि सामने मेरा भाई था | मैंने उससे पुछा क्या हुआ ? तू इतनी रात में क्यूँ आया ? तो उसने कुछ नहीं कहा और सीधा मेरे रूम के अन्दर चला आया | अचानक मुझे याद आया कि मैंने कंप्यूटर तो बंद ही नहीं किया | मैं जब तक उसे रोक पाती उसने डेस्कटॉप पर कहानी देख लिया | मैं तो शर्म से पानी पानी होने लगी थी | तभी मेरे भाई ने मुझसे पुछा दीदी ये सब क्या है ? मैंने डरते हुए कहा अरे कुछ नहीं है | उसने कहा दीदी सच बताओ वरना मैं घर में बता दूंगा कि आप ये सब भी पढ़ते हो | मैंने उससे कहा अरे सॉरी रिषभ मुझे माफ़ कर दे पता नही मुझे क्या हो गया था मैं क्या सोचने लगी थी | प्लीज किसी को कुछ मत तुझे जो चाहिए मुझसे बोल मैं दूँगी बशर्ते तू किसी को भी ये बात नहीं बताना | उसने थोड़ी देर कुछ सोच विचार किया और फिर कहा ठीक है दीदी मैं कुछ नहीं करूँगा बस मुझे आपसे एक चीज़ चाहिए | मैंने उससे पुछा क्या चाहिए बोल मैं तुझे दे दूंगी | उसने मुझे ऐसी चीज़ मांग ली जिसे सुन कर मेरे पैरो टेल जमीन खिसक गई | उसने मुझसे कहा दीदी मुझे आपके  साथ सेक्स करना है | मैंने कहा अरे पागल है क्या मैं भाई बहन की कहानी पढ़ रही हूँ इसका मतलब ये तो नहीं कि मैं ये करूँ भी | तो उसने कहा ठीक है दीदी फिर तो मैं जा रहा हूँ सबको बताने | मैं डर गई तो मैंने उसे रोकते हुए कहा अच्छा अच्छा ठीक है ठीक है | मैं तैयार हूँ लेकिन बस हम एक बार ही सेक्स करेंगे | तो उसने कहा हाँ दीदी बस एक बार ही अपनी चूत का स्वाद चखा दो | उसके मुंह से ये बात सुन कर मैं भी गरम होने लगी थी |

उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मुझे कास कर दबाने लगा | उसके बाद उसने मेरे होंठ में अपने होंठ रख कर मेरे होंठ को चूसने लगा तो मैं भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ को चूसने लगी | वो मेरे होंठ को चूसते हुए मेरे दूध भी जोर जोर से दबा रहा था और मैं उसके होंठ को चूसते हुए पहली किस्सिंग का आनंद ले रही थी | कुछ देर किस करने के बाद उसने मेरे टॉप को निकाल दिया और मेरे ब्रा के ऊपर से ही मेरे नोकदार दूध को दबाने लगा तो मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की सिसकियाँ निकलने लगी | थोड़ी देर के बाद उसने पीछे हाँथ कर के मेरे ब्रा को भी उतार दिया और मेरे दोनों दूध को अपने मुंह में ले कर बारी बरी से चूसने लगा और मेरे मुंह से आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह की हलकी आन्हे निकल रही थी | वो मेरे दूध को चूसते चूसते मेरे लोअर के ऊपर  से ही मेरी चूत को सहलाने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिस्कारियां लेने लगी | थोड़ी देर के बाद उसने मेरे लोअर को भी उतार दिया और मेरी पेंटी को भी उतार दिया | अब मैं उसके सामने पूरी नंगी थी खड़ी हुई थी | उस समय मैंने अपनी चूत के बाल साफ़ नहीं की थी | फिर उसने मुझे लेटा दिया और मेरी टांगो को खोल कर मेरी चूत पर अपनी जीभ फेरते हुए चाटने लगा तो और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए अपनी आँखे बंद कर ली |

वो मेरे चूत को जीभ रगड़ रगड़ कर चाट रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए जन्नत जैसा फील कर रही थी | अब मैं भी गरम हो चुकी थी तो मैंने भी झट से उसकी टी-शर्ट को उतार दिया और उसके उसकी छाती को चूमने और चाटने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे बालो को सँवारने लगा | फिर मैं नीचे बैठ गई और उसे बिस्तर पर बैठा कर उसके लंड को अपनी जीभ से गीला करने लगी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए मेरे दूध को दबाने लगा | मैं उसके लंड के हर तरफ से जीभ फेर कर चाट रही थी और वो आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए सिसकियाँ भर रहा था | उसके बाद उसने मुझे लेटा दिया और मेरी चूत में अपने लंड को डाल कर चोदने लगा और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए चुदाई के मजे उठा रही थी | वो मेरे दूध को जोर जोर से दबा कर मुझे चोद रहा था और मैं आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह आहा ऊंह ऊम्ह करते हुए झड़ गई पर वो नही झड़ा | करीब दो तीन धक्के के बाद उसने अपना गरम लावा मेरी चूत के ऊपर ही निकाल कर झड़ गया |