बहन के नंगे बदन को देखकर

antarvasna

मेरा नाम आकाश है और मैं आगरा का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 23 वर्ष है और इसी वर्ष मेरी बीटेक की पढ़ाई कंप्लीट हुई है। मेरा कॉलेज कंप्लीट होते ही मैंने एक कंपनी में  जॉइन कर लिया क्योंकि मैं चाहता था कि कुछ समय तक मैं आगरा में रहते हुए ही काम करूं और उसके बाद मैं अपनी बहन के पास दिल्ली जाना चाहता था क्योंकि वह दिल्ली में ही नौकरी करती है और उसे दिल्ली में काम करते हुए दो वर्ष हो चुके हैं। वह कई बार मुझे कहती थी कि तुम दिल्ली ही आ जाओ लेकिन मैं उसे कहता कि मैं कुछ समय आगरा में रहकर ही काम करना चाहता हूं, उसके कुछ समय बाद मैं तुम्हारे पास ही आ जाऊंगा। अब मैं आगरा में जिस कंपनी में लगा था वहां पर कुछ समय तक तो मुझे सैलरी नहीं मिली क्योंकि मैं काम ही सीख रहा था। मैंने दो महीने तक बिना तनख्वाह के काम किया।

मैं पूरा काम सीख चुका था तो मैं वहीं पर काम करने लगा। उसी दौरान मेरी कई लोगों से दोस्ती भी हुई और कई लोगों से मेरी मुलाकात भी हुई, जो कि अन्य जगह से बीटेक की पढ़ाई कर के उस कंपनी में नौकरी लगे थे। मुझे अब तनख्वाह मिलने लगी थी तो मेरा खर्चा भी मेरी तनख्वाह सही निकल जाया करता था, नहीं तो मुझे अपने पापा से पैसे लेने पड़ते थे। वह मुझे कभी भी पैसे के लिए मना नहीं करते थे लेकिन मुझे उनसे पैसे लेकर अंदर से अच्छा महसूस नही होता था। मुझे ऐसा लगता था कि मेरे पापा ने मुझे एक अच्छे कॉलेज में पढ़ाया है, उसके बाद भी मैं उनसे पैसे लूं तो यह उचित नहीं है इसलिए मुझे उनसे पैसे लेना अच्छा नही लगता था। अब मैं अपने पिता से पैसे नहीं लेता था क्योंकि मेरी तनख्वाह से मेरा खर्चा निकल जाया करता था और मैं अपनी बहन सोनिया को भी हमेशा फोन करता था, वह भी मुझे कहती थी कि तुम दिल्ली आ जाओ, मैंने उसे कहा कि मैं कुछ समय बाद दिल्ली आने की सोच रहा हूं क्योंकि यहां पर मुझे अब 6 महीने होने वाले हैं, उसके बाद मुझे कंपनी से सर्टिफिकेट मिल जाए तो मैं दिल्ली में ही आ जाऊंगा।

मुझे अपनी कंपनी में काम करते हुए 6 महीने से ऊपर हो चुका था, तो मैंने अपनी बहन को अपना रिज्यूम भिजवा दिया और उसे कहा कि यदि तुम्हारे पहचान में कहीं पर कोई अच्छी नौकरी मिलती है तो मैं वहां पर इंटरव्यू देने के लिए आ जाऊंगा। वो कहने लगी ठीक है तुम मुझे अपना रिज्यूम भिजवा दो मैं तुम्हारे लिए कहीं पर बात करती हूं क्योंकि अब मेरी दिल्ली में अच्छी पहचान हो चुकी है और मेरे साथ में जितने भी लोग हैं उनके घर वाले सब अच्छे पद पर हैं इसलिए वह कहीं ना कहीं तुम्हारा नौकरी का बंदोबस्त करवा देंगे, इस वजह से तुम बिल्कुल निश्चिंत रहो। मैं भी बहुत खुश था और मेरे पापा भी बहुत खुश हो रहे थे। मेरी मम्मी एक ग्रहणी है और वह ज्यादा किसी से बात नहीं करती। वह सिर्फ घर के काम में ही व्यस्त रहती हैं और जब उन्हें समय होता है तो वह सब्जी खरीदने के लिए बाजार चली जाती हैं। बस यही उनकी दिनचर्या है और इससे अधिक वह किसी से भी बात नहीं करती। मैं जहां पर काम कर रहा था मैंने वहां से रिजाइन दे दिया और वहां से 6 महीने का अपना एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट ले लिया था। कुछ दिनों बाद मुझे मेरी बहन सोनिया का फोन आया और वह कहने लगी कि तुम यदि दिल्ली आ सकते हो तो दिल्ली आ जाओ, मैंने तुम्हारे लिए एक जगह बात की है, वह लोग कह रहे हैं कि कुछ दिनों बाद इंटरव्यू होगा, तो तुम दिल्ली आ जाओ,  मैंने तुम्हारा रिज्यूम उन्हें भिजवा दिया था। मैं अपनी बहन के पास दिल्ली चला गया। जब मैं अपनी बहन के पास दिल्ली गया तो मुझे उसे मिलकर बहुत खुशी हुई क्योंकि मैं कभी भी उसके पास दिल्ली नहीं गया था, यह मेरा पहला ही मौका था। वह भी बहुत खुश थी और कहने लगी कि तुम इतने समय बाद दिल्ली आए हो, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वह मुझसे मम्मी पापा के बारे में पूछने लगी। मैंने उसे बताया कि वह दोनों ठीक है और उसके बाद वह कहने लगी कि तुम्हारा इंटरव्यू कल होगा तो तुम वहां पर इंटरव्यू दे आना, यदि तुम्हें अच्छा लगे तो तुम जॉइनिंग कर लेना। यहां पर तनख्वाह भी बहुत अच्छी है और जो वहां के मैनेजर हैं वह भी मुझे अच्छी तरीके से पहचानते हैं।

मैं दिल्ली सुबह ही पहुंच गया था इसलिए सोनिया मुझे कहने लगी कि मैं अपने ऑफिस चलती हूं और शाम को अपने ऑफिस से जल्दी आ जाउंगी, यह कहते हुए सोनिया जल्दी से तैयार हो गई और उसने मेरे लिए नाश्ता बना दिया था। वह मुझे कहने लगी कि तुम नाश्ता कर के कुछ देर आराम कर लेना ताकि तुम्हें अच्छा महसूस हो। अब यह कहते हुए वह चली गई। मैंने भी नाश्ता कर लिया, नाश्त करने के बाद मेरी आंख लग गई और मैं बहुत ही गहरी नींद में सो गया। मुझे बिल्कुल भी पता नहीं चला कि कब मेरी आंख लग गई, जब मेरी आंख खुली तो मैंने घड़ी में समय देखा तो काफी टाइम हो चुका था। मैंने जल्दी से अपना मुंह हाथ धोया और उसके बाद मैं कुछ देर बिस्तर पर ही बैठा हुआ था। तभी सोनिया आ गई और वह मेरा चेहरा देखते हुए कहने लगी क्या तुम सुबह से अभी तक सो रहे हो, मैंने उसे कहा कि मुझे पता ही नहीं चला कब इतना समय हो गया। उसने मुझे कहा कि तुम जल्दी से तैयार हो जाओ, हम लोग आज कहीं बाहर चलते हैं। मैं जल्दी से तैयार हो गया और उसके बाद जहां पर सोनिया रहती थी उसी के पास में एक मॉल था हम लोग वहां पर चले गए। जब हम लोग वहां पर घूम रहे थे तो मुझे काफी अच्छा लग रहा था क्योंकि दिल्ली में बहुत बड़े मॉल हैं। सोनिया मुझे कहने लगी कि तुम्हें कुछ शॉपिंग करनी है तो तुम कुछ शॉपिंग कर सकते हो। मैंने उसे मना किया लेकिन वहां मुझे जबरदस्ती कपड़ो के आउटलेट में ले गई और वहां से उसने मेरे लिए कुछ शर्ट और पेंट ले ली।

मैं उसे मना कर रहा था लेकिन वह मुझसे जबरदस्ती कर रही थी, उसने उन कपड़ो के पैसे दिये और हम वहां से डिनर करने चले गए। हम लोगों ने उस दिन बाहर ही डिनर किया और उसके बाद हम लोग घर चले गए। जब हम लोग घर जा रहे थे तो हमने रास्ते से एक आइसक्रीम ले ली और मैंने उसे कहा कि हम लोग यहां से पैदल ही चलते हैं। हम लोग आइसक्रीम खाते हुए पैदल ही घर आ रहे थे और हम लोग काफी बातें कर रहे थे। वह मुझे कहने लगी कि कल तुम अच्छे से तैयारी करके रखना ताकि तुम्हें किसी भी तरीके की दिक्कत ना हो। मैंने उसे कहा कि तुम उसके लिए बिल्कुल निश्चिंत रहो मेरे पास 6 महीने का एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट भी है वह भी मैं अपने साथ ही लेकर चला जाऊंगा। अब वह मुझसे बात कर रही थी और हम दोनों अपनी पुरानी बातें कर रहे थे कि हम दोनों बचपन में किस तरीके से बहुत ही मस्ती किया करते थे। सोनिया बचपन से ही बहुत शरारती किस्म की लड़की थी, वह बचपन में बहुत ही शरारत करती थी इसलिए वह हमेशा ही मम्मी पापा की डांट खाती थी। वह मुझसे दो साल ही बड़ी है, वह बहुत ही ज्यादा मेहनती है। शायद इसी वजह से वह दिल्ली में नौकरी करने के लिए आई नहीं तो वह अभी आगरा में ही रहती। वह एक अच्छी कंपनी में जॉब पर है। अब हम दोनों बात करते करते घर तक पहुंच गए और उसने जब घर का दरवाजा खोला तो हम दोनों अंदर चले गए और हम लोग काफी देर तक बैठकर बातें कर रहे थे। सोनिया मुझसे कहने लगी यदि तुम्हें फ्रेश होना है तो तुम फ्रेश हो लो और उसके बाद तुम सो जाना क्योंकि कल तुम्हें भी जल्दी जाना है। मैंने उसे कहा कि मैं अभी फ्रेश हो लेता हूं। मैं फ्रेश होने चला गया और उसके बाद मैं सोने की तैयारी करने लगा लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी मैं उठ कर अपनी बहन के कमरे में चला गया। उसने चादर ओढ़ रखी थी और वह सोई हुई थी मैंने सोनिया को उठाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उठी मैंने लाइट बंद कर दी और उसे चिपक कर सो गया। थोड़ी देर बाद मुझे महसूस हुआ कि उसने कुछ भी कपड़े नहीं पहने हुए हैं और उसने अपनी चूत के अंदर उंगली डाली हुई थी। मैंने जब पूरी चादर उठाई तो मुझे उसकी बड़ी-बड़ी गांड दिखाई देने लगी।

मैंने उसे कसकर पकड़ लिया मैंने उसके स्तनों को चूसना शुरू कर दिया और बड़े ही अच्छे से उसके स्तनों का रसपान करने लगा। मैंने उसके स्तनों को इतने देर तक चूसा कि उसे भी बहुत मजा आने लगा। वह सोने की एक्टिंग कर रही थी वह अपनी उंगली डाल रही थी और उसी वक्त मैं उसके कमरे में चला गया। मैंने अपने लंड को उसके दोनों स्तनों के बीच में रगडना शुरू कर दिया वह पूरे मजे में आ गई। मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर डाल दिया वह बहुत ही अच्छे से मेरे लंड को चूसने लगी उसे बहुत मजा आने लगा। मैंने भी कुछ देर बाद उसकी योनि के अंदर उंगली डालनी शुरू कर दी उसकी योनि बहुत ज्यादा टाइट थी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था उसके पानी का रिसाव भी बहुत ज्यादा होने लगा। मैंने उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए अपने लंड को उसकी योनि के अंदर ही डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी योनि में गया तो मुझे बहुत मजा आने लगा और मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के देने लगा। उसने भी अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और मेरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में जा रहा था मुझे बहुत मजा आ रहा था उसे भी बहुत मजा आना लगा। मैंने उसे बड़ी तेजी से झटके देना शुरू कर दिया और सोनिया भी अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी। जब वह झडने वाली थी तो उसने अपने दोनों पैरों को कसकर मिला लिया और अपनी योनि को बहुत ज्यादा टाइट कर लिया। मुझे उसे धक्के मारने में बहुत दिक्कत होने लगी लेकिन मैं उसे बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था मेरा तरल पदार्थ सोनिया की योनि के अंदर ही गिर गया मैं बहुत खुश हुआ जब मेरा वीर्य उसकी योनि के अंदर गिर गया।