अपनी गर्लफ्रेंड और अपनी टीचर को एक साथ ही चोदा

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मेरा नाम संजय है और मैं कक्षा 12वीं का छात्र हूं। मैं आगरा का रहने वाला हूं और मेरे पिता एक बहुत ही बड़े पद पर हैं। उन्हें सब लोग अच्छे से जानते हैं इसी वजह से उन्होंने मेरा दाखिला भी एक बड़े स्कूल में करवा रखा है और हमारे स्कूल में जितने भी बच्चे हैं वह सब पढ़ने में बहुत ही अच्छे हैं क्योंकि हमारे स्कूल का हर साल रिजल्ट सौ प्रतिशत रहता है और सब बच्चे कंपटीशन में ही बिजी रहते हैं और वह लोग इतना ज्यादा कंपटीशन करते हैं कि अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाते। हमारे स्कूल में प्रतियोगिताए बहुत ज्यादा होती हैं।

मुझे स्विमिंग का बहुत ही शौक है इसी वजह से मैं स्विमिंग प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेता रहता हूं और कई बार हम लोग दूसरे स्कूल भी जाते हैं। जब हम लोग दूसरे स्कूल जाते हैं तो वहां पर भी जब मैं नए-नए बच्चों से मिलता हूं तो उनसे भी मुझे काफी कुछ सीखने को मिलता है और हमारे स्कूल में भी हमारे टीचर बहुत ही अच्छे हैं, जो हमें हर चीज सिखाते हैं। मैं पढ़ाई में भी अच्छा हूं इसी वजह से वह लोग मुझसे बहुत ही अच्छे से बात करते हैं और मेरी जितने भी दोस्त हैं वह सब कहते हैं कि तुम पढ़ने में भी अच्छे हो और खेलकूद में भी बहुत अच्छे हो। यह सब तुम कैसे कर लेते हो। मैं उन्हें बताता हूं कि मैं बहुत ज्यादा मेहनत करता हूं इसी वजह से मैं खेलकूद में भी अच्छा हूं और पढ़ने में भी अच्छा हूं। मेरे स्कूल में मेरी गर्लफ्रेंड भी है उसका नाम पारूल है। पारूल और मेरी बातचीत शुरू में नहीं होती थी क्योंकि मुझे उससे बात करना अच्छा नहीं लगता था। वह हमारे क्लास की मॉनिटर भी हैं इस वजह से मैं उससे बिल्कुल भी बात नहीं करता था लेकिन जब धीरे धीरे हम लोग साथ में बैठने लगे और हमारी बातें होने लगी तो तब मुझे लगा कि पारुल उस किस्म की लड़की नहीं है जैसा मैं उसके बारे में सोचता हूं। मैं उसे बहुत ही घमंडी किस्म की लड़की मानता था लेकिन वह बिल्कुल भी घमंडी नहीं है और वह बहुत ही अच्छे दिल की लड़की है, इसी वजह से मैंने उससे बात करनी शुरू कर दी और मैं उसके लिए कुछ ना कुछ गिफ्ट लेकर आता था।

जब भी मैं उसे कुछ गिफ्ट देता तो वह बहुत ही खुश हो जाती है और कहती की तुम मुझे कुछ ज्यादा ही गिफ्ट क्यों देते हो। मैं उसे कहता कि मुझे तुम अच्छी लगती हो इसी वजह से मैं तुम्हें कुछ ना कुछ गिफ्ट देता रहता हूं और वह भी बहुत खुश होती थी जब मैं उसे कुछ गिफ्ट दिया करता था। पारूल भी मुझे अपने घर पर ले जाती और जब मैं उसके घर पर जाता तो उसकी मम्मी मुझसे मिलकर बहुत ही खुश होती थी क्योंकि पारुल पापा भी मेरे पापा के डिपार्टमेंट में ही थे इसी वजह से वह लोग मुझसे मिलकर बहुत खुश होते थे। अब उनका हमारे घर पर भी आना जाना लगा रहता था। वह लोग मेरे घर वालों को भी अच्छे से जानते थे इसी वजह से पारुल भी हमारे घर पर अक्सर आ जाया करती थी। पारुल भी पढ़ने में बहुत अच्छी है और उसके नंबर भी बहुत अच्छे आते हैं इसलिए हम दोनों आपस में डिस्कशन किया करते थे और वह डिबेट कंपटीशन में हमेशा ही हिस्सा लेती थी। उसे पढ़ने का बहुत ही शौक है और वह बहुत सारी चीजें याद कर लेती है इसीलिए वह डिबेट कंपटीशन में हिस्सा लेती थी। हमारे स्कूल के द्वारा एक प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा था जिसमें बाहर के स्कूलों से भी बच्चे आए हुए थे और हम लोगों ने भी बहुत ही अच्छे से तैयारियां की, जिससे कि हमारे स्कूल के बच्चे भी बहुत खुश है और सब लोगों ने हर खेल में हिस्सा लिया हुआ था। जब हमारे स्कूल से यह प्रतियोगिता समाप्त हो गई उसके कुछ समय बाद हमारे एग्जाम भी नजदीक आने वाले थे और उसी समय हमारे स्कूल में एक नई टीचर ने जॉइनिंग की। उन टीचर का नाम कामिनी है और वह हमें बहुत ही अच्छे से पढ़ाती थी। वह हमें मैथ्स पढ़ाती थी और मुझे मैथ्स बहुत ही अच्छे से समझ आ जाती थी इसीलिए वह मुझसे हमेशा खुश रहती थी और उनके पति भी मेरे पापा के डिपार्टमेंट में ही थे।

जब उन्हें यह बात पता चली तो वो कहने लगी कि तुम्हारे पापा और मेरे पति एक ही डिपार्टमेंट में है इसी वजह से वह मेरे पापा से भी परिचित थी और वह पारुल को भी पहचानती थी। एक बार उन्होंने अपने घर पर पार्टी रखी थी, तो मैं भी उनकी पार्टी में गया था। मेरे पापा मम्मी और पारुल की भी फैमिली आई हुई थी। हम लोगों ने उस दिन पार्टी में बहुत ही मस्ती की और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मैं कामिनी मैडम की पार्टी में गया हुआ था क्योंकि उस दिन उनका बर्थडे था, मैंने उस दिन उन्हें एक गिफ्ट भी दिया। जब वह मुझे कहने लगी कि तुम यह गिफ्ट क्यों लाए हो, अभी तो तुम स्कूल में ही पढ़ रहे हो। मैंने उन्हें कहा कि यह मेरी तरफ से आपके लिए है। मैंने कुछ पैसे जमा किए थे उसी से मैं आपके लिए गिफ्ट लाया हूं। कामिनी मैडम मुझे बहुत ही अच्छा मानती थी इसलिए वह मुझे हमेशा ही कहते थे कि तुम अपनी पढ़ाई में और भी ज्यादा ध्यान दो जिससे कि तुम्हारे अच्छे नंबर आ जाए। मैंने उन्हें कहा कि यदि आप मुझे ट्यूशन पढ़ा देंगे तो मेरे और भी अच्छे नंबर आ जाएंगे क्योंकि मैं कहीं पर भी ट्यूशन पढ़ने नहीं जा रहा हूं, मैं सिर्फ अपनी सुमिंग के लिए कोचिंग क्लास जाता हूं और उसके अलावा मैं घर पर ही पढ़ाई करता हूं या फिर मुझे जब समय मिल जाता है तो मैं और पारुल पढ़ाई कर लिया करते हैं। वो कहने लगी ठीक है तुम एक काम करो पारुल को भी तुम बोल देना और तुम दोनों मेरे पास मेरे घर पर ही पढ़ाई करने आ जाया करो।

मैंने जब यह बात पारुल से शेयर की तो वह कहने लगी यह तो बहुत ही अच्छी बात है क्योंकि मैडम बहुत ही अच्छा पढ़ाती हैं इसीलिए हम दोनों यदि उनके पास जाएं तो हमारे और भी अच्छे नंबर आ जाएंगे। हम दोनों इस बात से बहुत ही खुश थे। जब यह बात मैंने अपने पापा से कहीं तो वो कहने लगे कि तुम उनके पास जाओगे तो तुम्हारे बहुत ही अच्छे नंबर आ जाएंगे क्योंकि वह बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। अब हम लोग उनके पास ही ट्यूशन पढ़ने के लिए जाने लगे वह और किसी को भी ट्यूशन नहीं पढ़ाती थी, हम दोनों ही उनके घर में ट्यूशन पढ़ने के लिए जाते थे और वह स्कूल में भी हमें बहुत अच्छे से पढ़ाती थी जिससे कि हमारी एग्जाम की तैयारियां बहुत ही अच्छे से चल रही थी। मुझे ऐसा लग रहा था कि इस वर्ष मेरे अच्छे नंबर आ जाएंगे और वह भी हमें बहुत अच्छे से तैयारियां करवा रही थी। पारुल और मैं भी साथ में पढ़ा करते थे जिससे मुझे बहुत हेल्प मिल जाती थी। मैं अपनी स्विमिंग क्लासेस से आने के बाद सीधा कामिनी मैडम के पास ही पढ़ने के लिए आ जाया करता था। जब मैं लेट हो जाता था तो मेरे पापा मुझे छोड़ दिया करते थे। कामिनी मैडम का पढ़ाने का तरीका बहुत ही अच्छा था, वह हम दोनों के साथ दोस्ताना तरीके से बात करती थी और वह हम दोनों को बहुत ही अच्छे से समझाती थी। पारुल भी उनकी बहुत तारीफ करती थी और कहती थी कि वह बहुत ही अच्छे से हम दोनों को पढ़ाती है।

एक दिन मैं और पारुल ट्यूशन पढ़ रहे थे तभी मैडम ने एक बहुत ही पतला सा लोअर पहना हुआ था जिसके  आर-पार साफ दिखाई दे रहा था मेरा पूरा मूड खराब हो रहा था जब उन्होंने वह पतला सा लोअर पहना हुआ था। मैंने उन्हे कहा कि आपने बहुत ही बारीक लोअर पहना हुआ है आपकी चूत मुझे साफ दिखाई दे रही है। जैसे ही  उन्होंने अपने लोअर को देखा तो वह वाकई में आर पार दिखाई दे रहा था। मुझसे भी बिल्कुल रहा नहीं गया और मैंने तुरंत ही उन्हें कसकर पकड़ लिया और अपने लंड को बाहर निकालते हुए उनकी मुंह में डाल दिया। जैसे ही मेरा लंड उनके मुंह में गया तो वह पूरे मजे में आ गई। मैंने उनके सारे कपड़े उतारते हुए उनकी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया मैं उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा। मैं उन्हें इतनी तेजी से झटके मारता वह पूरे मजे मे आ जाती वह भी मेरा पूरा साथ देने लगी। मैं उनकी टाइट चूत को ज्यादा देर तक बर्दाश्त ना कर सका और मेरा वीर्य उनकी योनि में ही गिर गया।

पारुल यह सब कोने में बैठ कर देख रही थी और वह भी अपनी चूत मे उंगली डाल रही थी। उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे अच्छे से चूसने लगी मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो चुका था। मैंने पारुल के सारे कपड़े खोल दिए उसकी योनि को भी मैंने अच्छे से चाटा उसकी चूत मे एक भी बाल नहीं था। मैं बहुत अच्छे से उसकी चूत को चाटे जा रहा था। मैंने जैसे ही उसकी चूत मे अपने लंड को लगाया तो वह पूरे मूड में आ गई और मैंने बड़ी ही तेज झटके से उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसेड दिया। जैसे ही मेरा लंड उसके अंदर गया तो उसकी योनि से खून निकलने लगा और मैं उसे बड़ी तीव्र गति से धक्के मारने लगा। मैं उसे इतनी तेजी से धक्के मारता जाता उसका पूरा शरीर हिल जाता और वह मेरा पूरा साथ देने लगती। लेकिन उसकी योनि इतनी ज्यादा टाइट थी कि मैं उसे ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाया और मुझे ऐसा महसूस होने लगा कि मेरा वीर्य पतन जल्दी ही हो जाएगा इसलिए मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू किया और मैं उसे इतनी तेज तेज झटके मार रहा था कि उन्ही झटकों के दौरान मेरा वीर्य पतन पारूल की योनि के अंदर ही हो गया। उसके बाद से मैं और पारूल हमेशा ही सेक्स करते हैं और कभी कबार मैं कामिनी मैडम की भी चूत मार लिया करता हूं। वह भी बहुत खुश होती है जब मैं उन्हें चोदता हूं। कुछ समय बाद हमारे पेपर भी हो गए और अब मैं अपनी क्लास में पास भी हो चुका था मेरे अच्छे नंबर आए थे और मैंने और पारुल ने अपनी क्लास में टॉप किया था।