अपनी भाभी को अच्छे से चोदा

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मेरा नाम मनीष है और मैं जींद का रहने वाला हूं, मैंने 12वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी क्योंकि मेरी दोस्ती बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी इसी वजह से मेरे घर वालों ने मुझे आगे नहीं पढ़ाया। कुछ समय के लिए मैं कॉलेज गया था लेकिन मैंने वहां भी पढ़ाई नहीं की और मैं सिर्फ झगड़े ही करता रहा। जब मेरे घर पर कुछ ज्यादा ही शिकायत आने लगी तो मेरे पापा ने कहा कि अब तुम घर में ही रहो। मेरे पापा पुलिस में है इस वजह से मैं बार-बार बच जाता था। मेरे पापा को सब लोग पहचानते हैं इस वजह से मुझे सब लोग छोड़ दिया करते थे और कॉलेज में भी मेरा एक बार बहुत ज्यादा झगड़ा हो गया था इस वजह से उन्होंने मुझे कॉलेज से निकाल दिया, वह मुझ पर केस भी करने वाले थे लेकिन मेरे पापा जब कॉलेज में आए तो उन्होंने सारे मामले को शांत किया। उसके बाद से उन्होंने मुझे घर में ही रख दिया।

मेरे पापा उसके बाद बहुत ही गुस्सा थे और वह कहने लगे कि तुमने हर जगह हमारी बदनामी करवा रखी है और तुम जहां भी जाते हो वहां पर सिर्फ तुम झगड़ा कर के आते हो और तुम बिलकुल भी नहीं समझते हो। मेरे पापा ने मुझे आखरी बार कहा कि यदि इस बार तुम्हारी कभी मेरे पास कोई शिकायत आई तो उसके बाद तुम हमेशा के लिए यहां से चले जाना या फिर मैं तुम्हारे लिए कहीं और बंदोबस्त कर दूंगा। मेरे बड़े भैया बहुत ही अच्छे हैं वह हमेशा से ही पापा की हर बात मानते थे। उनकी नौकरी दिल्ली में है और वह जब भी घर आते हैं तो पापा उनसे बहुत ही खुश होते हैं और वह मुझे कहते हैं कि तुम्हारे भैया भी तो हैं जिन्होंने मेरा इतना नाम रोशन किया है और कहीं पर भी आजतक उसकी कोई शिकायत नहीं आई। मेरे भैया का नाम सतीश है और वह बहुत ही अच्छे हैं। वह शुरू से ही पढ़ने में अच्छे थे और उन्हें पढ़ने का भी बहुत शौक था इसी वजह से पापा ने उनकी शादी जल्दी करवा दी। जब उनकी शादी हो गई तो कुछ समय उसकी नौकरी दिल्ली में ही लग गई थी इसलिए वह दिल्ली में ही रहते हैं और मेरी भाभी भी उन्ही के साथ दिल्ली में है। वह लोग छुट्टियों में घर आ जाते हैं और पापा उनसे बहुत ही खुश रहते हैं और वह कहते हैं कि मैं तुम्हारे भाई से बहुत ही खुश रहता हूं।

मुझे भी लगता था कि मैंने वाकई में उनके लिए सिरदर्द वाला काम किया हुआ है क्योंकि मेरे जितने भी दोस्त है उनमें से एक भी अच्छा नहीं था, वह सब किसी न किसी प्रकार से गलत कामों में ही रहते थे इसी वजह से मेरी भी संगत ऐसी ही हो गई थी और मैं भी गलत कामों में ही पड़ा रहता था। अब मैं घर में ही रहने लगा और मेरे पापा मुझ पर ज्यादा ही नजर रखा करते थे, यदि मैं कभी भी कहीं बाहर जाता तो उनसे पूछ कर ही मुझे जाना पड़ता था। मेरे सब दोस्त परेशान हो रहे थे और वह मुझे फोन कर के पूछते कि तुम आजकल हमारे साथ नही आ नहीं रहे हो। मैंने कह कि मेरे पापा मुझे कहीं भी नहीं जाने देते हैं। यदि मैं कभी गलती से चला भी गया तो वह मुझे पकड़ कर घर ले आते हैं इसी वजह से मेरे सब दोस्तो से मेरा संपर्क धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा था और मुझे बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए क्योंकि मैं घर में बहुत ही बोर हो गया था और मेरे पास कुछ भी करने के लिए नहीं था इसी वजह से मैंने अपने पापा से बात की, कि मैं घर में बोर हो रहा हूं मुझे क्या करना चाहिए। वो कहने लगे कि तुम कहां जाओगे, तुम जहां भी जाओगे वहां पर तुम हमारी बदनामी ही करवाते हो क्योंकि तुम्हें पहले कॉलेज में भी दाखिला दिलवाया था लेकिन तुमने वहां पर भी हमारी बेज्जती ही करवा दी और उसके बाद अब तुम्हें कहीं भी भेजने का मन बिल्कुल नहीं होता। मेरे पापा मुझसे बहुत ही परेशान थे और वह हमेशा मेरे भैया का उदाहरण मुझे देते रहते थे। उनके जितने भी दोस्त हैं वह उनकी भी तारीफ किया करते हैं और कहते हैं कि वह तुम्हारे जैसा बिल्कुल भी नहीं है। मैं भी कोशिश करता था कि उनके जैसा बन जाऊं लेकिन मैं कभी भी उनके जैसा नहीं बन पाया और ना ही मेरे अंदर उनकी तरह आदतें हैं। वह बहुत ही शांत स्वभाव के हैं और मैं बहुत ही गुस्से वाला हूं।

मैं सिर्फ अपने पापा से ही डरता हूं और मुझे किसी से भी डर नहीं लगता। कॉलेज में अगर हमारा झगड़ा हो जाता तो सबसे आगे में ही रहता था। मुझे भी लगने लगा था कि मुझे अब कहीं चले जाना चाहिए इसलिए मैंने अपने पापा से कहा कि मैं भैया के पास दिल्ली जाना चाहता हूं और वही पर कुछ काम करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि तुम दिल्ली जाकर क्या करोगे, वहां पर तुम उसे भी परेशान करोगे लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं उन्हें बिल्कुल भी परेशान नहीं करूंगा क्योंकि मैं भी अब समझ चुका हूं आप मेरे वजह से बहुत ही शर्मिंदा हुए हैं इसलिए मैं नहीं चाहता कि आपकी मेरी वजह से अब किसी भी प्रकार से बेज्जती हो या आपको कभी शर्मिंदा होना पड़े। मेरे पिताजी को भी लग चुका था कि अब मैं वाकई में सीरियस हो चुका हूं इसीलिए उन्होंने मुझे कहा कि ठीक है तुम अपने भाई के पास चले जाओ। उन्होंने मेरे भैया को फोन कर दिया और मेरी भाभी को भी मेरे आने की जानकारी देदी। जब मैं उनके उनके पास पहुंचा तो वह मुझे देखकर बहुत ही खुश हुए और उन्होंने तुरंत ही मुझे गले लगा लिया और कहा कि तुम कैसे हो, मैंने तुम्हारी बहुत ही शरारते सुनी है तुमने पापा के नाक में दम कर रखा है। मैंने उन्हें कहा कि वह सब हो गया लेकिन अब आगे से इस तरीके की गलती कभी नहीं करना चाहता और ना ही मैं ऐसा चाहता हूं कि मुझसे इस प्रकार की गलती हो। मुझे उनसे मिलकर बहुत ही खुशी हुई और मेरी भाभी भी जब मुझे मिली तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरी भाभी का नाम राशि है।

मेरे भैया और मेरी भाभी के बीच में बहुत ही अच्छे संबंध है, वह दोनों एक दूसरे को बहुत ही अच्छे से रखते हैं। हम दोनों के बीच में बहुत प्यार भी है जब मेरी भाभी मुझसे मिली तो वह भी कहने लगे कि तुम्हारे हमने बहुत ही किस्से सुने हैं। मैंने उन्हें कहा कि वह सब हो गया लेकिन अब आगे से कभी भी इस प्रकार की गलती नहीं होगी। जब मैंने उनसे प्रॉमिस किया कि मैं अब आगे से ऐसा नहीं करने वाला हूं, तो उन्होंने कहा ठीक है तुम यहीं पर कोई काम देख लो या मैं तुम्हारे लिए कोई काम देख लूंगा। अब मैं उनके घर पर ही रहने लगा। कई दिनों तक मैं घर पर ही था और ज्यादा दूर मैं घूमने नहीं जाता था क्योंकि वहां पर मेरा कोई दोस्त भी नहीं था इसी वजह से मुझे घर पर ही रहना पड़ता था। मैंने जब भैया से कहा कि मेरा भी मन होता है कि मैं भी घूमने जाऊं तो वह कहने लगे कि तुम अपनी भाभी को अपने साथ ले जाओ वह भी घर में अकेली ही रहती है क्योंकि मेरे भैया के पास टाइम नहीं होता इसलिए वो कहने लगे कि तुम दोनों ही घूम आया करो। मैंने जब इस बारे में मेरी भाभी से कहा तो उन्हें मेरे साथ घूमने में थोड़ा डर लग रहा था क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं मैं रास्ते में किसी के साथ झगड़ा ना कर लूं या किसी प्रकार से किसी के साथ बदतमीजी ना कर बैठू इसीलिए उन्होंने कहा कि मैं तुम्हारे साथ नहीं आ सकती लेकिन मैंने उन्हें कहा कि आप निश्चिंत रहिए,  आप मेरे साथ चलिए मैं आपको किसी भी प्रकार से कोई तकलीफ नहीं होने दूंगा। अब वह मेरे साथ घूमने के लिए तैयार हो गई।

हम दोनों साथ में ही घूम रहे थे मेरी भाभी को मेरे साथ घूमना अच्छा लग रहा था। हम दोनों ने उस दिन बहुत ही एंजॉय किया जब हम लोग घर वापस आए तो मैंने अपनी भाभी का हाथ पकड़ लिया और उनकी गांड को भी बड़े जोर से दबाने लगा। वह मुझे कहने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो लेकिन मैंने उन्हें कसकर पकड़ लिया और उनका होठों को किस करने लगा। मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा था जब मैं उनके होठों को अपने होठों में लेकर चूस रहा था। अब वह भी पूरे मूड में आ गई मेरे लंड को उन्होंने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी। उन्हें बहुत ही मजा आ रहा था जब वह मेरे लंड को सकिंग कर रही थी। मैंने भी उन्हें बिस्तर पर पटक दिया और उनके सारे कपड़े उतारते हुए उनकी योनि को चाटना शुरू कर दिया और काफी देर तक ऐसा करने के बाद वह पूरे मूड मे आ चुकी थी और उनकी योनि से पानी निकल रहा था।

मैंने जैसे ही अपने लंड को उनकी योनि में डाला तो मुझे बड़ा मजा आ रहा था वह भी खुश हो रही थी। मुझे उन्हें चोदने मे बहुत मजा आ रहा था मैंने उनके दोनों पैरों को आपस में मिला लिया और उन्हें बड़ी तेजी से धक्के मारने लगा। मैंने उन्हें इतनी तेजी से धक्के मारे की उनका शरीर हिल जाता और मै उनके स्तनों का रसपान करने लग जाता। उनके स्तन बहुत ही मुलायम और नरम थे और उनकी योनि अब भी बहुत ज्यादा टाइट थी जिस वजह से मुझे उन्हें चोदना में बहुत थी मजा आ रहा था। लेकिन एक समय बाद मैं उनकी टाइट चूत को बर्दाश्त ना कर सका जैसे ही मेरा माल गिरा तो मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा और मेरी भाभी भी बहुत खुश थी। उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और बहुत देर तक वह मेरे लंड को ऐसे ही चूसते रही। उन्हें भी बड़ा मजा आ रहा था जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी। जब भी मेरे भैया घर पर नहीं होते तो मैं भाभी के दोनों पैरों को उठाते हुए उन्हें बहुत ही अच्छे से चोदा करता था। मेरा भी अब मन लगा रहता था और मैं भी अपनी भाभी के साथ घूमने निकल जाया करता आप मैंने अपनी सारी आदतों को छोड़ दिया था और मैं एक अच्छा जीवन यापन कर रहा हूं।